आगामी त्यौहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम व एसपी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया
आजमगढ़ : आज दिनांक मंगलवार को पुलिस लाईन के सभागार में जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि की अध्यक्षता में अपर जिला मजिस्ट्रेट नरेन्द्र सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर अजय यादव, अधिशासी अभियन्ता बिजली विभाग, अधिशासी अभियन्ता PWD, अधिशासी अधि0 नगर पालिका व अन्य अधिकारीगण के साथ जनपद के संभ्रान्त व्यक्तियों के सहित आगामी दुर्गापूजा एंव दशहरा के त्यौहार को सकूशल एवं हर्षोउल्लास पूर्वक मनाये जाने के उददेश्य से एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे विगत कई वर्षो मे जनपद में इस त्यौहार पर आयी चुनौतीयो एवं कठिनाइयों पर चर्चा की गयी एवं आगामी त्यौहार के परिप्रेक्ष्य में नये सुझाव माँगे गये तथा सभी विभागों को अपने-2 स्तर पर त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु दिशा निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने कहा कि बुधवार से नवरात्र की शुरुआत हो रही है। उन्होंने समस्त एसडीएम व सीओ को निर्देशित किया कि दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों से संपर्क स्थापित कर यह सुनिश्चित कर लें कि कहां-कहां पंडाल एवं प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। उन्होंने दुर्गा पूजा समिति की पदाधिकारियों से कहा कि पंडाल में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था करें और गंदगी न होने दें। नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी व बिजली विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों से कहा कि प्रतिमा का विसर्जन नदी के किनारे गड्ढे खोदकर ही करें। नदी में प्रतिमा का विसर्जन किसी भी दशा में नहीं होना चाहिए। एसपी ने दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों से कहा कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को कम करने के लिए पंडाल में सुनिश्चित स्थान पर सीसी टीवी कैमरा स्थापित कराना सुनिश्चित करें। पंडाल में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का प्रयोग न करें। कहा कि एक टीम बनाकर उनको एक निर्धारित ड्रेस में पंडाल के अंदर निर्धारित स्थान पर उनकी ड्यूटी लगाएं जिससे वे भीड़ को नियंत्रित करेंगे। आम जनता और प्रशासन आसानी से पहचान सकती है कि ये समिति के कर्मचारी हैं। आतिशबाजी यदि आवश्यकता हो तो सुरक्षित स्थान पर ही करें।
बताया गया कि पूर्व की भाँति इस वर्ष भी दुर्गापूजा (नवरात्रि) पर किसी नयी मूर्ति की स्थापना नही की जायेगी न ही किसी मूर्ति के विसर्जन का मार्ग बदला जायेगा। मूर्तियों का विसर्जन किसी भी दशा में नदियों में नही किया जायेगा। इसके सम्बन्ध मे पूर्व से जारी मा0 उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशो का पालन किया जायेगा। पूरे त्यौहार के दौरान किसी भी नयी परम्परा का सृजन नही किया जायेगा।
आजमगढ़ रिपोर्ट


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