3 करोड़ की ठगी का खुलासा, फर्जी कोऑपरेटिव सोसाइटी पर केस दर्ज
आजमगढ़ : जिले में एक बड़ी वित्तीय ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एलयूसीसी (द सोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) नामक संस्था पर करीब 150 निवेशकों से 3 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। मामले में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पाण्डेय बाजार निवासी अरविंद जायसवाल ने मामले की शिकायत करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में उनके मामा ससुर शत्रुघन प्रसाद (निवासी सोनभद्र) और उनके सहयोगी उमेश चंद्र (निवासी मऊ) ने उन्हें इस कंपनी की स्कीमों के बारे में जानकारी दी। इनमें 5 साल की एफडी पर दोगुना रिटर्न, 3.5 साल की एफडी पर 14% ब्याज, और 1 साल की डीडी पर 5% ब्याज जैसे प्रलोभन शामिल थे।
कंपनी का दावा था कि उनके पास एटीएम कार्ड, और बनारस समेत कई शहरों में एटीएम मशीनें भी उपलब्ध हैं। इस पर विश्वास कर अरविंद, उनके भाई विजय जायसवाल और दोस्त आदित्य प्रसाद ने लाखों रुपये का निवेश कर दिया।
अरविंद ने आगे बताया कि उन्हें बेरोजगार बताकर कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने का प्रस्ताव दिया गया। 2 लाख रुपये नकद लेकर कंपनी ने 1 जून 2016 को फ्रेंचाइजी के दस्तावेज थमा दिए। दुकान किराए पर लेकर उन्होंने विधिवत उद्घाटन किया, जिसमें कंपनी के डायरेक्टर्स समीर अग्रवाल (महाराष्ट्र), आरती बंसल, अनुराग बंसल, सबाब हुसैन (उरई), आरके सेट्टी, संजय मुदगिल और राजेश टैगोर शामिल हुए।
कंपनी का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर कोड UP-39 जारी किया गया और सभी वित्तीय लेन-देन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से किए गए। 26 नवंबर 2024 को अचानक कंपनी का सॉफ्टवेयर बंद हो गया। संपर्क करने पर कहा गया कि सर्वर पर ट्रैफिक ज्यादा है, लेकिन बाद में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बार-बार पूछने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
काफी समय तक थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कोई कार्रवाई न होने के बाद, अरविंद ने 6 मार्च 2025 को CJM कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर अंततः 13 सितंबर 2025 को FIR दर्ज की गई, जिसमें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और अन्य धाराएं लगाई गई हैं।
अरविंद जायसवाल का आरोप है कि यह पूरा मामला एक संगठित गिरोह द्वारा रचा गया है, जो फर्जी दस्तावेजों और झूठे वादों से लोगों को ठगता है। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य लोग भी इसी तरह ठगे गए हैं और अब सामने आने लगे हैं। मामले की जांच कोतवाली पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंपनी के डायरेक्टर्स और जोनल हेड्स के खिलाफ सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं।

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