आजमगढ़ के शिक्षक अभिमन्यु यादव को मिला उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार 2024
आजमगढ़ : जनपद के मिर्जापुर ब्लॉक अंतर्गत स्थित कंपोजिट विद्यालय सरायमीर के सहायक अध्यापक अभिमन्यु यादव को उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि एवं माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी द्वारा प्रदान किया गया।
बलिया जनपद के बैरिया तहसील के सोनबर्षा गांव निवासी अभिमन्यु यादव ने वर्ष 2006 में अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय परसहां, मोहम्मदपुर आजमगढ़ से की थी। वर्ष 2012 में उनका स्थानांतरण कंपोजिट विद्यालय सरायमीर में हुआ, जहां वे आज भी पूरे समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
शिक्षण में नवाचार की मिसाल
अभिमन्यु यादव अपने नवाचारपूर्ण शिक्षण तरीकों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने बच्चों की समझ और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कई रचनात्मक और प्रायोगिक पद्धतियों को अपनाया। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि विद्यालय में लगातार पिछले पांच वर्षों से "नो एडमिशन" का बोर्ड लगाना पड़ रहा है — जो उनकी लोकप्रियता और विद्यालय की गुणवत्ता का प्रमाण है।
‘सुपर थर्टी’ योजना से बदली तस्वीर
शिक्षा के क्षेत्र में उनका एक उल्लेखनीय प्रयास ‘सुपर थर्टी’ योजना है, जिसके तहत वे 30 होनहार विद्यार्थियों को चयनित कर प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराते हैं। यह योजना न केवल छात्रों के भविष्य को संवार रही है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा में एक नया आयाम भी जोड़ रही है।
संघर्ष और समर्पण की कहानी
अभिमन्यु यादव को इससे पहले तीन बार जिला स्तर पर चयनित किया गया था, लेकिन राज्य स्तर तक उनका नाम नहीं पहुंच सका। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने शिक्षण कार्य को पूरे समर्पण के साथ जारी रखा। आज उनका यही संघर्ष और निष्ठा उन्हें इस राज्य स्तरीय सम्मान तक ले आई है।
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, स्थानीय शिक्षकों और क्षेत्रवासियों में गौरव और हर्ष की लहर है। उनके सहकर्मियों का कहना है कि यह पुरस्कार न केवल अभिमन्यु यादव की मेहनत का फल है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक संकेत भी है।

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