आजमगढ़ और बलिया के 189 विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्तियां एसआईटी जांच के घेरे में...
आजमगढ़ : माध्यमिक शिक्षा विभाग से संचालित आजमगढ़ और बलिया के 189 वित्त पोषित सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों की नियुक्तियां जांच के दायरे में आ चुकी हैं। एसआईटी ने जुलाई 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच शुरू कर दी है।
एसआईटी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ से शिक्षकों की नियुक्ति एवं वेतन भुगतान से जुड़े अभिलेख मांगे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र भेजकर जांच के लिए मांगी गई रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी ने आजमगढ़ बलिया के 189 सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं। इसमें आजमगढ़ जनपद में 97 विद्यालय और बलिया जनपद में 92 विद्यालय शामिल हैं।
पहले से चल रही 179 शिक्षकों की जाँच
बलिया जनपद के 44 स्कूलों में नियम विरुद्ध नियुक्त 179 शिक्षकों और कर्मचारियों के मामलों की जांच एसआईटी पहले से कर रही थी। इसमें 32 वित्त पोषित सहायता प्राप्त विद्यालयों और 12 वित्त पोषित सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक शामिल हैं। जांच के दायरे में चार प्रवक्ता, 80 सहायक अध्यापक, चार लिपिक, 10 सहायक लिपिक और 81 परिचारक शामिल हैं। डीआईओएस बलिया ने शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति को अनियमित करार देते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। उक्त जांच अभी पूरी भी नहीं हुई कि बलिया के 92 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की जांच के लिए एसआईटी ने अभिलेख मांगे हैं।
संस्कृत विद्यालय भी एसआईटी की निगरानी में
आजमगढ़ जिले के संस्कृत विद्यालयों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पड़ताल शुरू की थी। इस संबंध में एसआईटी ने डीआईओएस को पत्र भेजकर जिले में संचालित 37 संस्कृत विद्यालयों की सूचना मांगी थी। सभी संबंधित विद्यालयों को प्रोफार्मा भेजा गया था लेकिन अभी भी ज्यादातर विद्यालयों ने शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े अभिलेख एसआईटी को उपलब्ध नहीं कराएं हैं। अभी यह जांच पूरी नहीं हुई कि एसआईटी ने जिले के 97 वित्त पोषित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेख तलब किए हैं।

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