अपहरण और बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष की जेल तथा पचीस हजार रूपये जुर्माना
आजमगढ़ : अपहरण और बलात्कार के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दस वर्ष के कारावास तथा पचीस हजार रूपये जुर्माने सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया ।यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट कोर्ट नंबर एक धीरेंद्र कुमार ने सुनाया।अभियोजन कहानी के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के एक गांव की 14 नाबालिग किशोरी का 11 फरवरी 2011की सुबह नौ बजे स्कूल जाते समय सुनील उर्फ छोटू पुत्र रामपाल निवासी रघुपुर थाना महाराजगंज ने बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया। आरोपी सुनील पीड़िता को अपने मामा रामपाल के घर शहर में बदरका और उसके बाद बरेली ले कर चला गया। पुलिस ने सुनील के साथ पीड़िता को को को 11 दिसंबर 2013 को बरेली से बरामद किया। पुलिस ने जांच करने के बाद सुनील उर्फ़ छोटू, गोलूउर्फ़ सोनू तथा मोनू पुत्र रमाशंकर, राजाराम पुत्र बाबूलाल व रामपाल पुत्र भोलेनाथ के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेज दिया। पीड़ित पक्ष की तरफ की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेम नाथ यादव ने वादी मुकदमा समेत नौ गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुनील उर्फ़ छोटू को दस वर्ष के कारावास तथा पचीस हजार रूपये जुरमाने की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त साक्ष्य साक्ष्य के अभाव में आरोपी राजा राम, राम पाल, गोलू उर्फ़ सोनू व मोनू को दोषमुक्त कर दिया।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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