Breaking Reports

मण्डलायुक्त की बैठक से अनुपस्थित रहे 19 मण्डलीय अधिकारी, वेतन काटने का निर्देश



बृजभूषण रजक रिपोर्ट 
आजमगढ़ : मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी के निर्देश पर मण्डल के तीनों जनपदों के सभी विकास खण्डों के अन्तर्गत कतिपय ग्राम पंचायतों एवं समस्त नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों में  निर्मित/निर्माणाधीन प्रधानमन्त्री आवास योजना के अन्तर्गत आवासों तथा स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों की गुणवत्ता की जाॅंच के साथ ही अन्य इंगित बिन्दुओं पर ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का सत्यापन करने हेतु लगाये गये 48 मण्डल स्तरीय अधिकारियों से सत्यापन की स्थिति की समीक्षा बैठक मंे 19 अधिकारी अनुपस्थित थे, जिस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त ने कुछ अधिकारियों का वेतन काटन, कुछ प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा कुछ अधिकारियों को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में उनके कार्यालय के सभागार में शनिवार को आयोजित उक्त समीक्षा बैठक में सत्यापन की वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु उप निदेशक उद्यान, संयुक्त शिक्षा निदेशक, एडी बेसिक, परियोजना प्रबन्धक उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम, उप आबकारी आयुक्त, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, संयुक्त आयुक्त उद्योग, उप श्रमायुक्त, उप निदेशक मण्डल (निर्माण), परियोजना प्रबन्धक सी एण्ड डीएस जल निगम, क्षेत्रीय सेवायोजना अधिकारी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी, संयुक्त आयुक्त व्यापार कर, उप निदेशक सिंचाई एवं जल संसाधन, क्षेेत्रीय प्रबन्धक पीसीएफ, उप निदेशक राष्ट्रीय बचत, संभागीय परिवहन अधिकारी तथा अधीक्षण अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण उपस्थित नहीं थे। इनमें से उप निदेशक उद्यान तथा संयुक्त शिक्षा निदेशक के अवकाश पर रहने के कारण क्रमशः जिला उद्यान अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं गयी। मण्डलायुक्त ने इसे लापरवाही मानते हुए जिला उद्यान अधिकारी को चेतावनी निर्गत करने तथा जिला विद्यालय निरीक्षक का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा एडी बेसिक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने अन्य अनुपस्थित अधिकारियों का भी वेतन काटने का निर्देश दिया। 


  मण्डलायुक्त त्रिपाठी द्वारा एक-एक अधिकारियों से किये गये बिन्दुवार सत्यापन के समय पाई गयी कमियों की जानकारी करने पर उप निदेशक पंचायत द्वारा बताया गया कि लालगंज के ग्राम पंचायत चेवार पश्चिम स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के समय स्वास्थ्य केन्द्र बन्द पाया गया वहाॅं पर न कोई डाक्टर मिले और न ही स्टाफ का कोई अन्य कर्मचारी, क्षेत्रीय लोगों द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर डाक्टर कभी भी नहीं आते हैं, स्वास्थ्य केन्द्र की साफ सफाई की स्थिति भी अत्यन्त खराब पाई गयी। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ आज़मगढ़ से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा पूरे स्टाफ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसी प्रकार अधीक्षक अभियन्ता लोनिवि ने अवगत कराया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुबारकपुर के निरीक्षण के समय 8 चिकित्सकों में से मात्र तीन चिकित्सक उपलब्ध थे, दो चिकित्सक अवकाश पर थे, 3 चिकित्सकों के सम्बन्ध में बताया गया कि काफी दिनों से अनुपस्थित चल रहे हैं। इस पर भी उन्होंने सीएमओ का स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही अनुपस्थित का वेतन काटने का निर्देश दिया। प्राविधिक परीक्षक टीएसी ग्राम्य विकास ने समीक्षा के दौरान बताया कि सत्यापन के समय नगर पालिका परिषद आज़मगढ़ निराश्रित पशु सड़कों पर घूमते दिखाई दिये, दुकानदारों द्वारा पालिथीन का प्रयोग करते पाया गया तथा सफाई व्यवस्था भी सन्तोषजनक नहीं मिली। मण्डलायुक्त ने इस पर अधिशासी अधिकारी को एक सप्ताह का समय देते हुए सख्त हिदायत दी कि एक सप्ताह के अन्दर इन कमियों को दूर करना सुनश्चित करें अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
  मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी द्वारा जनपद मऊ में किये गये सत्यापन की स्थिति जानकारी करने पर मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि पास के गाॅंव में गेहूॅं क्रय स्थापित है परन्तु गाॅंव का कोई भी किसान वहाॅं गेहॅूं बेचने नहीं गया। इस पर मण्डलायुक्त ने आरएफसी को निर्देशित किया कि तत्काल जाॅंच कर आख्या दें। उप निदेशक पिछड़ा वर्ग ने बताया कि नगर पंचायत घोसी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात चिकित्सक उपस्थित थे परन्तु चिकित्सा अधीक्षक उपस्थित नहीं थे। इस पर चिकित्सा अधीक्षक का वेतन काटने और सीएमओ मऊ को स्पष्टीरकण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जनपद बलिया की स्थिति की जानकारी करने पर सब रजिस्ट्रार चिट्स फण्ड द्वारा बताया गया कि विखं बैरिया की ग्राम पंचायत श्रीनगर में बने शौचालयों का प्रयोग कुछ लाभार्थियों द्वारा इस शंका में नहीं किया जा रहा है कि उसका प्रतिकूल प्रभाव उनके मकान पर पड़ेगा। मण्डलायुक्त ने इस पर निर्देश दिया कि सम्बन्धित बीडओ के माध्यम से उन लाभार्थियों को समझायें तथा शौचालयों का प्रयोग सुनिश्चित करायें। बैठक मंे अधीक्षण अभियन्ता नलकूप द्वारा बताया गया कि नगर पंचायत बेल्थरारोड में प्रधानमन्त्री आवास योजना की जाॅंच के समय बताया गया कि कुल 468 आवास स्वीकृत/निर्मित हैं परन्तु मौके पर 267 की सूची ही उपलब्ध कराई गयी। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर असहमति व्यक्त करते हुए परियोजना अधिकारी डूडा को इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
  इस अवसर पर अपर आयुक्त (प्रशासन) धर्मेन्द्र सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. एनएल यादव, वन संरक्षक सहित अन्य मण्लीय अधिकारी उपस्थित थे।


No comments