मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन नहीं किये जाने पर मण्डलायुक्त ने जताई नाराजगी
बृजभूषण रजक रिपोर्ट
आजमगढ़ : मण्डलायुक्त जगत राज ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (मनरेगा) की समीक्षा में पाया कि इस योजनान्तर्गत मण्डल में बड़ी संख्या में ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहाॅ मानव दिवस सृजन नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को अवशेष ग्राम पंचायतों में तत्काल कार्य प्रारम्भ कराते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त जगत राज ने बताया कि मनरेगा की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण की समीक्षा में पाया गया कि जनपद की कुल 1871 ग्राम पंचायतों में से 705 ग्राम पंचायतों, बलिया में 951 ग्राम पंचायतों में से 201 ग्राम पंचायतों तथा मऊ में कुल 678 ग्राम पंचायतों में से 113 में मानव दिवस का सृजन नहीं किया गया है। इस प्रकार मण्डल की कुल 3500 ग्राम पंचायतों में से 1019 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहाॅ मानव दिवस का सृजन नहीं किया गया है। उन्होंने जनपदों में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के मानव दिवस सृजन से अवशेष रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस स्थिति से स्पष्ट हो रहा है कि अधिकांश ग्राम पंचायतों द्वारा इस रोजगारपरक योजना के मूलभूत उद्देश्यों की पूर्ति नहीं की जा रही है तथा ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विकास खण्ड स्तर पर इस अपेक्षित अनुश्रवण नहीं किया जा रहा है। मण्डलायुक्त ने तीनों जनपद के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने जनपद में मानव दिवस सृजन से अवशेष रह गयी ग्राम पंचायतां में तत्काल कार्य प्रारम्भ कराते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाय।
मण्डलायुक्त जगत राज ने इसी क्रम में मनरेगा योेजनान्तर्गत ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट में पाई गयी कमियों का यथाशीघ्र निस्तारण कर अनिवार्य रूप से वेबसाइट पर एटीआर अपलोड किये जाने की स्थिति का भी जायज़ा लिया, जिसमें पाया गया कि पूर्व में दिये गये निर्देश के बावजूद सोशल आडिट प्रगति रिपोर्ट में स्थिति पुनः यथावत् पाई गयी। इस पर मण्डलायुक्त ने असन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि उच्चाधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज़मगढ़ में 626, बलिया में 88 एवं मऊ में 32 ग्राम पंचायतों में एक बार आडिट किया गया है, जबकि आज़मगढ़ में 3434, बलिया में 89 एवं मऊ में 55 मामलों में रिपोर्ट की गयी है। उन्होेनें तीनों जनपद के जिलाधिकारियों से कहा है कि अगले तीन कार्य दिवस में सोशल आडिट एटीआर अनिवार्य रूप से वेबसाइट पर अपलोड किये जाने हेतु सम्बन्धित को अपने स्तर से निर्देशित करें।


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