मण्डलायुक्त ने बड़ी संख्या में सीमांकन का प्रकरण लम्बित रहने पर व्यक्त की नाराज़गी
बृजभूषण रजक रिपोर्ट
आज़मगढ़ : मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मण्डल के तीनों जनपदों में बड़ी संख्या में सीमांकन का कार्य लम्बित पाये जाने पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली बुवाई से पूर्व सीमांकन का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने हेतु अपने स्तर से समुचित कार्यवाही करें। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी आज़मगढ़, मऊ एवं बलिया को निर्देश जारी करते हुए कहा कि जन सुनवाई के दौरान इस आशय की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि सीमांकन का आदेश पारित हो जाने के बावजूद सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा भूमिधर काश्तकारों से अवैध धन उगाही के चक्कर में सीमांकन का कार्य समय से नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण किसानों को तहसील, जनपद एवं मण्डल मुख्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उनके बहुमूल्य समय एवं धन की अनावश्यक बर्बादी होती है।
मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों का अपने अधीनस्थों पर प्रभावी नियन्त्रण नहीं होना प्रतीत होता है। उन्होंने कहा जहॉं शासन की मंशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखना है वहीं किसानों को सीमांकन हेतु अनावश्यक भाग दौड़ करने से स्पष्ट होता है कि सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति किसी भी दशा में क्षम्य नहीं है। उन्होंने तीनों जनपद के जिलाधिकारियांं से कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि सीमांकन के सभी प्रकरण अगली बुवाई से पहले प्रत्येक दशा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित हो जायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिसमें सीमांकन का आदेश पारित हो जाने के बावजूद अभी तक सीमांकन कार्य नहीं हुआ है उसकी तथा 10 सबसे पुराने लम्बित सीमांकन प्रकरण का विवरण तीन दिन के अन्दर उपलब्ध कराया जाय। इसके साथ ही उपजिलाधिकारियों का अपने अधीनस्थों पर प्रभावी नियन्त्रण बनाये रखने के सम्बन्ध में भी समुचित कार्यवाही की जाय।


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