7 आरोपियों को 4 वर्ष की कारावास तथा 5.5 हजार का जुर्माना
आजमगढ़ : कातिलाना हमले के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने सात आरोपियों को 4- 4 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को साढ़े पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि इसी मुकदमे की क्रास केस की सुनवाई के बाद अदालत ने चार आरोपियों को चार चार वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर एक बी डी भारती ने शुक्रवार को सुनाया।
अभियोजन कहानी के अनुसार, अगस्त 2003 में महाराजगंज थाना क्षेत्र का अराजी अमनी गांव बाढ़ ग्रस्त हो गया था। रामपति पुत्र किशोर प्रशासन की तरफ से मिल रहे मिट्टी का तेल तथा चावल को लेने के लिए गांव की कोटे की दुकान पर पर 30 अगस्त 2003 की शाम को गया। कोटेदार हनुमान यादव 5 लीटर की जगह 3 लीटर मिट्टी का तेल तथा 10 किलो चावल की जगह 5 किलो चावल दे रहा था। जिसका गांव वालों ने विरोध किया। तब हनुमान यादव पुत्र महावीर, सुदामा यादव पुत्र रामकेवल यादव, राजकिशोर पुत्र मन्ता, गोरख यादव पुत्र तीर्थराज यादव, सीता पुत्र धर्म देव, मंगल पुत्र फूलचंद, रतिभान यादव पुत्र हनुमान यादव, सुभाष पुत्र सीता तथा सागर पुत्र नरेश एक राय होकर गांव वालों को गाली गलौज दिए और गांव वालों को मारा पीटा। हनुमान के फायर करने पर सविता तथा सुदामा को छर्रे की चोट आई।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। दौरान मुकदमा आरोपी सुदामा यादव तथा हनुमान की मृत्यु हो गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से रामपति यादव, सब इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन सिंह, सविता यादव, मतई, डॉक्टर एस पी सिंह तथा हेमंत कुमार सिंह को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रतिभान यादव, गोरख यादव, सीता यादव, मंगल यादव, राजकिशोर यादव, सागर यादव तथा सुभाष को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास तथा साढ़े पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जबकि इसी मुकदमे के क्रास केस में मुकदमा वादी सुदामा यादव पुत्र स्वर्गीय केवल यादव ने आरोप लगाया कि 30 अगस्त 2003 को बाढ़ राहत के मिट्टी का तेल वितरण के विवाद को लेकर मतई यादव पुत्र रामपति यादव, सविता यादव पुत्र केशा यादव ,प्रभुनाथ यादव पुत्र लालसा यादव तथा रामप्यारे पुत्र राम बहादुर यादव ने नाजायज असलहे से वादी के उपर फायर कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी सुदामा यादव समेत सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मतई यादव, सविता यादव, प्रभुनाथ यादव तथा रामप्यारे यादव को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास तथा तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय तथा विक्रम सिंह पटेल ने पैरवी की।

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