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20 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों की दक्षता पर सवाल क्यों? TET अनिवार्यता के खिलाफ हजारों शिक्षकों का पैदल मार्च


आजमगढ़ : TET अनिवार्यता के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सभी शिक्षक शहर के डीएवी कॉलेज में जुटे। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस मौके पर हजारों की संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं डीएवी इंटर कालेज के मैदान से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।


इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने प्रदेश में आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी अनिवार्य किए जाने पर रोष व्यक्त किया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। शिक्षक नेता वेदपाल सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से लगभग 10 लाख शिक्षकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

उमाशंकर सिंह ने बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री से मिलकर अपनी मांग रखते हुए कोर्ट के निर्णय से उत्पन्न संकट से निजात दिलाने की मांग की है। मंजूलता राय ने कहा कि 20-25 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अपनी दक्षता साबित करने के लिए कहना यह शिक्षकों का अपमान है।

माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के संघर्ष में माध्यमिक शिक्षक संघ मजबूती से खड़ा रहेगा। इस मौके पर जितेंद्र कुमार राय, राजेंद्र यादव, अनिल सिंह, राजेश सिंह, प्रमोदलाल श्रीवास्तव, वकील मौर्य, सुनीता सिंह, कंचन मोर्य, प्रतिभा श्रीवास्तव समेत हजारों शिक्षक मौजूद रहे।

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