MDM और फीस घोटाला: जांच में पकड़ी गई अनियमितताएं, प्रधानाध्यापिका सस्पेंड
आजमगढ़ : जिले के सरदहां बाजार स्थित श्रीमती परमादेवी जायसवाल बालिका जूनियर हाईस्कूल की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका पूनम शाही को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध फीस वसूली और मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में गड़बड़ी के आरोप साबित पाए गए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी महाराजगंज ने नौ मार्च 2024 को विद्यालय का निरीक्षण किया था। इसकी आख्या 31 मार्च 2024 को प्राप्त हुई। जांच में पाया गया कि प्रधानाध्यापिका पूनम शाही ने विद्यालय की छात्राओं से अनियमित फीस वसूली की थी। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक आजमगढ़ मंडल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम ने 18 मई 2024 को विद्यालय का निरीक्षण किया था।
जांच के दौरान विद्यालय में केवल 44 छात्राएं उपस्थित पाई गईं जबकि नामांकन 130 का था। जूनियर स्तर पर भी 45 नामांकित छात्राओं में मात्र 22 उपस्थित थीं। पाया गया कि एमडीएम तो संचालित था, लेकिन खाद्यान्न एवं कनवर्जन मनी के लेखाजोखा में गड़बड़ी की गई थी। अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए पूनम शाही को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता इस शर्त पर मिलेगा कि वे किसी व्यापारिक गतिविधि में संलिप्त नहीं होंगी। इस अवधि में उन्हें अपनी उपस्थिति श्रीमती तपेश्वरी देवी जायसवाल इंटर कॉलेज, सरदहा में दर्ज करानी होगी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 अवधि में विद्यालय को प्राथमिक स्तर पर 27.26 क्विंटल गेहूं और 54.13 क्विंटल चावल तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 19.28 क्विंटल गेहूं और 38.57 क्विंटल चावल प्राप्त हुआ था। इसके विपरीत उपभोग रिपोर्ट में कम मात्रा दर्शाई गई और लगभग 86.30 क्विंटल खाद्यान्न का अभाव पाया गया। इसी प्रकार कनवर्जन मनी में भी 2,69,000 रुपये से अधिक की विसंगति दर्ज की गई।
निरीक्षण में पाया गया कि छात्र उपस्थिति पंजिका और एमडीएम पंजिका के आंकड़ों में अंतर है। प्राथमिक स्तर पर 2873 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 332 भोजनकर्ताओं की संख्या अधिक दिखाई गई। रविवार एक अक्तूबर 2023 और ईद-उल-फितर के अवकाश 23 अप्रैल 2023 को भी एमडीएम वितरण दर्शाया गया। समिति ने यह भी पाया कि मार्च 2024 में विद्यालय में हुई वार्षिक परीक्षा के नाम पर छात्राओं से धन वसूला गया जो निशुल्क शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन है।
छात्राओं ने जांच टीम को बताया था कि मार्च 2024 में वार्षिक परीक्षा के नाम पर प्रधानाध्यापिका ने धन वसूला था। अध्यापक उपस्थिति पंजिका में ऑफलाइन अवकाश आवेदन पाए गए, जबकि अवकाश स्वीकृति मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से होती है। विद्यालय में दिसंबर 2020 के बाद से स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक भी नहीं कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में इन सभी बिंदुओं को गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।
एडी बेसिक मनोज मिश्रा ने बताया कि एमडीएम में अनियमितता की जांच चल रही थी। इसी को लेकर त्रिस्तरीय जांच कराई गई थी। जांच में आरोप पुष्ट पाया गया। इस पर प्रधानाध्यापिका पूनम शाही को निलंबित कर दिया गया है।

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