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देश के टॉप-25 जिलाधिकारियों में आजमगढ़ के DM रविंद्र कुमार, फेम इंडिया सर्वे में शीर्ष स्थान



आजमगढ़ : देशभर के जिलाधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन करने वाले प्रतिष्ठित फेम इंडिया और एशिया पोस्ट के संयुक्त सर्वेक्षण 2026 में आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ 25 जिलाधिकारियों की सूची में शामिल किया गया है। खास बात यह रही कि उन्होंने 862 अंक प्राप्त कर सूची में शामिल सभी अधिकारियों में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली और जनोन्मुखी जिला प्रशासकों में शामिल कर दिया है। 

फेम इंडिया द्वारा किए गए इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में देश के लगभग 800 जिलों के जिलाधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। सर्वे में प्रशासनिक क्षमता, सुशासन, नवाचार, जवाबदेही, निर्णय लेने की क्षमता, आपदा प्रबंधन, जनसंवेदनशीलता, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क तथा विकासोन्मुख प्रशासन जैसे दस प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक विशेषज्ञों की राय के साथ-साथ जमीनी रिपोर्ट, मीडिया विश्लेषण और प्रशासनिक उपलब्धियों को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया। विस्तृत प्रक्रिया के बाद देशभर से 100 जिलाधिकारियों का चयन किया गया, जिनमें से 25 अधिकारियों को विशेष सम्मान के लिए चुना गया। इस सूची में आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अधिकारी के रूप में उभरे।

 सर्वेक्षण में उनके संतुलित प्रशासनिक दृष्टिकोण, प्रभावी कार्यशैली और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उत्तर प्रदेश कैडर के वर्ष 2011 बैच के आईएएस अधिकारी रविंद्र कुमार अपने प्रशासनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान उन्होंने नीम नदी के पुनर्जीवन के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए, जबकि झांसी में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में बड़े अभियान चलाए। इन पहलों को पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का सफल उदाहरण माना गया।

आजमगढ़ में जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के बाद भी उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता दी है। तमसा नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े प्रयासों को भी प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाता है। पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका को उनके कार्यकाल में नई पहचान मिली है।

रविंद्र कुमार की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता मानी जाती है। वे नियमित रूप से जनता दर्शन आयोजित कर आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं। गांवों और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोग सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायतें और समस्याएं रखते हैं। किसानों, विधवाओं, छात्रों और भूमि विवादों से जूझ रहे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए उनका सक्रिय हस्तक्षेप लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने का काम कर रहा है। आजमगढ़ में उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण आमजन के लिए उनकी सहज उपलब्धता भी है। नागरिकों का कहना है कि जनता दर्शन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि समस्याओं के वास्तविक समाधान का मंच बन चुका है। यही वजह है कि जिले में उनकी कार्यशैली को व्यापक सराहना मिली है।

हाल ही में प्रधानमंत्री के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान के समर्थन में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा अपने सरकारी आवास से कलेक्ट्रेट तक ई-रिक्शा से पहुंचने की पहल भी चर्चा का विषय बनी थी। लोगों ने इसे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बताया। उनके इस कदम ने यह संदेश दिया कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करके की जा सकती है।

फेम इंडिया सर्वेक्षण में संकट प्रबंधन और निर्णय लेने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण मानक माना गया था। इन श्रेणियों में रविंद्र कुमार के प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा गया। प्रशासनिक चुनौतियों के दौरान त्वरित निर्णय, नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर सत्यापन की उनकी कार्यप्रणाली को प्रभावी प्रशासन का आधार माना गया।

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