पूजा पंडालों के लिए बिजली कनेक्शन लेना अनिवार्य, प्रतिमा विसर्जन के लिए जारी हुई गाइडलाइन
आजमगढ़ : दूर्गा पूजा पर शहर समेत ग्रामीणांचल में स्थापित होने वाले पूजा पंडालों में बिना कनेक्शन के बिजली का उपयोग अब पूजा समितियां नहीं कर सकेगी। अगर पूजा समितियों द्वारा ऐसा किया जाता है तो पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि पूजा समितियां अक्सर ही इधर-उधर से कटियामारी कर पूजा पंडाल व सजावट में बिजली का उपभोग करती है। वहीं पूजा पंडालों में हादसों की भी आशंका बनी रहती है। जिसे देखते हुए इस बार सभी पूजा समितियों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे नियमानुसार बिजली का अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपभोग करें। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विद्युत कनेक्शन के लिए पूजा समिति के पैड पर प्रार्थना पत्र देकर कनेक्शन लिया जा सकता है। कनेक्शन के साथ ही मीटर भी लगाया जाएगा। जितनी बिजली खपत होगी उसी के हिसाब से बिल की वसूली भी होगी। तीन किलोवाट विद्युत कनेक्शन के लिए 5976 रुपये, चार किलोवाट विद्युत कनेक्शन के लिए 7376 रुपये तथा पांच किलोवाट विद्युत कनेक्शन के लिए 11,618 रुपये चार्ज लगेगा। 20 किलोवाट से ज्यादा विद्युत उपभोग करने वालों पर 100 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। कनेक्शन न लेने वाले उपभोक्ताओं पर चेकिंग कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर पूजा के दौरान कोई भी बिजली खराबी होती है तो तत्काल अपने नजदीकी पॉवर हाउस या जेई से संपर्क करें।
दशहरा व दीपावली के मौके पर जिले में सैकड़ों प्रतिमाएं स्थापित की जाती है। प्रतिमा विसर्जन नदियों में करने से जल प्रदूषण होता है, जिसे देखते हुए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एडवाइजरी जारी कर दी गई है। जिसके अनुरूप पूजा समितियों को मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने, जल में घुलनशील रंग का प्रयोग करने, रासायनिक रंगों का प्रयोग न करने, प्रतिमा विसर्जन के पूर्व फूल, वस्त्र, सजावट के सामान आदि को हटा दिए जाने का निर्देश पूजा समितियों को दिया गया है। इसके साथ ही प्रतिमा विसर्जन से होने वाले कुप्रभावों के बारे में जन जागरूकता अभियान चला कर आम जनता को अवगत कराने, विसर्जन स्थल की बैरिकेडिंग कराकर सतह पर सिंथेटिक लाइनर बिछाने, भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त मात्रा में विसर्जन स्थल चिह्नित करने की भी बात एडवाइजरी में शामिल है। प्रत्येक तहसील क्षेत्रों में एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जो पूजा समितियों के साथ बैठक कर उपर्युक्त दिशा-निर्देशों का पालन कराना सुनिश्चित करेंगी।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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