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पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर शहीदों को दी गयी श्रद्धांजलि



आजमगढ़ : पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को सुबह लगभग साढ़े आठ बजे डीआईजी विजय भूषण व एसपी रवि शंकर छबि ने पहुंच कर पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर विगत वर्ष कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस मौके पर शहीद आरक्षी रामा राव के पुत्र अतुल को डीआईजी ने अंगवस्त्रम् देकर सम्मानित किया। शहीद आरक्षी रामा राव अहरौला थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव के मूल निवासी थे। वे लखनऊ जीआरपी में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान 24 जून 2018 को हृदयगति रूकने से उनकी मौत हो गई थी। उक्त शहीद जवान की पत्नी सुमन को पुलिस स्मृति दिवस पर रविवार को सम्मानित किया जाना था। शनिवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से सुमन को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुमन के अस्वस्थ होने के चलते उनके बड़े पुत्र अतुल को डीआईजी ने सम्मानित किया।


इस मौके पर डीआईजी ने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक शौर्यगाथा 59 वर्ष पुरानी है। 21 अक्टूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा लद्दाख के हिमाच्छादित जनहीन क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान गश्त पर निकले थे। स्वचालित रायफलों व मोर्टारों से लैंस चीनी सैनिकों ने छलपूर्वक घात लगाकर भारत की सीमा पर गश्त कर रहे उक्त जवानों पर हमला कर दिया था। अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए साधारण शस्त्रों से सुसज्जित होने के बाद भी हमारे दस जवानों की टुकड़ी ने चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया। वीरता का परिचय देते हुए उक्त दस बहादुर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। तभी से प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को हमारे देश में प्रत्येक पुलिस बल द्वारा पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस के सभी अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहकर शहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

आजमगढ़ रिपोर्ट 

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