जनपद में तीन तलाक का पहला मामला आया सामने
आजमगढ़ : जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के औसत अली कॉलोनी निवासी नफीसा को मारपीट करने वाले परिवारीजनों के खिलाफ आवाज उठाना महंगा पड़ गया। पति मुनीस आजमी ने नाराज होकर दुबई से फोन कर उसे तीन तलाक दे दिया। इतना ही नहीं पीड़िता तीन बच्चों के साथ घर के बाहर भी कर दिया। साथ ही उसके आभूषण आदि भी छीनकर रख लिए। बच्चों के साथ दर.दर की ठोकरे खा रही नफीसा ने मंगलवार को आजमगढ़ एसपी ग्रामीण से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अभी इस मामले में उलझी है कि रिपोर्ट किस धारा में दर्ज की जाए। एसपी ने मामले में कानून विशेषज्ञों की राय लेकर के निर्देश लेकर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
पीड़ित नफीसा ने बताया कि उसका मायका सुल्तानपुर जिले में है। उसकी शादी सिधारी थाना क्षेत्र में हड़हाबाबा मंदिर के पास स्थित औसत अली कालोनी निवासी मुनीस आजमी से हुई थी। शादी के बाद नफीसा तीन बच्चों की मां बनी। उसकी बड़ी बेटी 15 वर्ष की है। नफीसा ने बताया कि उसके परिवार में सास सितारूनिशां, ससुर अब्बास, देवर इरशाद, ननद राशिदा, फातमा, नसीबुनिशा हैं। यह लोग किसी न किसी बात पर अक्सर उसे प्रताड़ित करते रहते हैं। घर वालों की प्रताड़ना से परेशान नफीसा ने यह बात फोन पर अपने पति को बताई तो वे घर वालों से बात किए। पति के पूछताछ करने से नाराज परिवार के सदस्यों ने 19 सितंबर को उसे मारपीट कर घायल कर दिया। नफीसा ने थाने में सास और देवर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली। मां और भाई के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने पर पति मुनीस ने 20 सितंबर की शाम फोन पर तीन तलाक दे दिया।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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