गैर इरादतन हत्या के दोषी महिला को 10 साल की कारावास
आजमगढ़ : दीवानी न्यायालय में गुरुवार को गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी महिला को 10 साल की कारावास तथा 20000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया या फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोड नंबर-1 सर्वेश चंद्र पाण्डेय ने सुनाया।
अभियोजन कथानक के अनुसार प्रार्थिनी उषा पत्नी नंदलाल राम निवासी ग्राम तमरुआ थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ के निवासी है। प्रार्थी ने अपनी बहन की लड़की रीनू पुत्री श्यामजीत ग्राम सफीपुर थाना रानी की सराय की शादी अपने घर से अशोक राम पुत्र मोतीराम ग्राम खालिसपुर थाना कप्तानगंज जनपद आजमगढ़ से की थी। उस लड़की के पास 4 साल की बच्ची भी है। रेनू देवी पत्नी अशोक राम से दिनांक 23 सितंबर 2014 को समय करीब 3 बजे दिन में रीना पत्नी संतोष से झगड़ा तकरार हुई। रात में करीब 1 बजे रीना पत्नी संतोष राम ने रेनू के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसको जला दिया। जब वह चिल्लाई तो गांव के कई लोग मौके पर पहुंचकर बीज बचाव किये। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान रीनू की मृत्यु हो गई। घटना के बावत पुलिस ने रीना देवी पत्नी संतोष राम, संतोष राम व अशोक राम पुत्रगढ़ मोतीराम निवासी खालिसपुर थाना कप्तानगंज के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना किया। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्ता रीना देवी पत्नी संतोष राम के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या के आरोप में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। एडीजीसी मंजेश यादव ने वादिनी मुकदमा समेत कुल 9 गवाहों को अदालत में परीक्षित किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी रीना देवी को 10 साल की कारावास तथा 20000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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