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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास



आजमगढ़ : दीवानी न्यायालय में बुधवार को हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा 35000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया।यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-3 संतोष कुमार तिवारी ने सुनाया।
अभियोजन कथानक के अनुसार वादिनी मुकदमा मुखिया पत्नी जीवधन निवासी शुम्भी थाना जहानागंज जिला आजमगढ़ की निवासिनी है। प्रार्थिनी की लड़की निश्मा देवी की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व कन्हैया पुत्र दुर्र्बल्ली राजभर निवासी कस्बा सराय थाना मुबारकपुर जिला आजमगढ़ के साथ हुई थी। निश्मा देवी के दो बच्चे मनीषा व करिश्मा है।दिनांक 27 जनवरी 2011 को प्रार्थिनी को सूचना मिली कि उसकी पुत्री निश्मा को उसके पति कन्हैया,देवर गोपाल,ससुर दुर्र्बल्ली तथा सास कवलपति ने मार-पीट कर हत्या करके लाश को मकान में छुपाए हुए हैं।सूचना पाकर प्रार्थिनी अपने गांव के इनरु बालचंद व जितेंद्र आदि के साथ कस्बा सराय गई।तो प्रार्थिनी की लड़की मृत पाई गई तथा उसके परिवार का भी कोई मौजूद नहीं था। उपरोक्त प्रकरण के संदर्भ में पुलिस ने 27 जनवरी 2011 को कन्हैया,गोपाल पुत्रगण दुर्र्बल्ली, दुर्र्बल्ली पुत्र पलटन तथा कवलपति पत्नी दुर्र्बल्ली के विरुद्ध हत्या तथा साक्ष्य को मिटाने के लिए मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना किया। विवेचना के पश्चात पुलिस ने अभियुक्त कन्हैया के विरुद्ध हत्या तथा साक्ष्य को मिटाने के आरोप में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। एडीजीसी विनोद कुमार यादव ने वादिनी मुकदमा समेत कुल 8 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त कन्हैया को आजीवन कारावास व 35000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया तथा जुर्माने की राशि में से 15000-15000 रुपये मृतका की दोनों पुत्रियों को देने का आदेश भी दिया।

आजमगढ़ रिपोर्ट 

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