हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास
आजमगढ़ : हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को दस दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट नंबर 7 मुकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को सुनाया।
अभियोजन कहानी के अनुसार वादीनी पार्वती निवासी ग्राम दाउदपुर थाना मेहनगर 23 जनवरी 2005 की रात अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी। तभी रात लगभग 10:30 बजे गांव की गंगा उर्फ गंगादीन पुत्र संतलाल तथा सिकंदर पुत्र दुबरी उसके घर जबरदस्ती आ गए गए तथा पार्वती के लड़के बबलू को खोजने लगे। इस बात का पार्वती के पति प्रभुराम ने विरोध किया। तब गंगा और सिकंदर ने प्रभुराम को गोली मार दी। जिसमें घटनास्थल पर ही प्रभु राम की मौत हो गई। पुलिस ने जांच करने के बाद गंगा उर्फ गंगादीन तथा सिकंदर के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में न्यायालय में न्यायालय में भेज दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सोरख यादव ने बबलू, पार्वती, विजयलक्ष्मी, विवेचक आजाद सिंह, डॉक्टर जेपी सिंह, कांस्टेबल शिवलोचन यादव तथा पैरोकार जलील अहमद को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सुनने के बाद अदालत ने आरोपी गंगा उर्फ गंगादीन तथा सिकंदर को आजीवन कारावास तथा दस दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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