स्वायल टेस्टिंग के माध्यम से अपने भूमि का मृदा परीक्षण कराकर अपनी आय में वृद्धि करें किसान
आजमगढ़ : मंडल आयुक्त आजमगढ़ जगतराज ने नेहरू हाल के सभागार में मृदा जीर्णोद्धार एवं उत्पादकता वृद्धि विचार गोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया गया। आयुक्त ने किसानों से कहा कि स्वायल टेस्टिंग के माध्यम से अपने भूमि का मृदा परीक्षण करायें, मृदा में पोषक तत्वों की कमी पाये जाने पर उसका उपचार करायें, तभी उत्पादकता में वृद्धि करते हुए अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होेंने कहा कि स्वायल टेस्टिंग निःशुल्क किया जा रहा है। उन्होने कहा कि किसान जब फसल का उत्पादन करता है तब यह नही सोचता हैं कि वह अपने लिए कर रहा है। वह दूसरों केे लिए भी उत्पादन करता है। किसान हमारे अन्नदाता के साथ-साथ प्राणदाता भी हैं। किसानों से कहा कि फसल के अवशेष को खेतों मे न जलायें। बायो डीकम्पोजर, इफ्को द्वारा नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है। बायो डीकम्पोजर के द्वारा किसान फसल अवशेष को खेतों में ही पोषक तत्व में बदल सकते हैं। आयुक्त ने किसानों को खेत-तालाब योजना के बारे में बताया, कहा कि किसान अपने खेत में तालाब बनायें तथा खेत में तालाब होने से पानी की लेवल ऊपर आयेगा जिससे फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी। कृषि विभाग द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसान भाई पंजीकरण करायेंतथा कृषि यंत्र, कृषि रसायन, उर्वरक खरीदने पर उनको अनुदान भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस समय धान खरीद का सीजन चल रहा है, किसान भाई अपना पंजीकरण कराकर धान क्रय केन्द्रों पर अपना धान बेच सकते हैं। आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के अन्तर्गत जिनके शौचालय बनने अवशेष रह गये हैं, उसे जल्द से जल्द पूरा कर लें, क्योंकि खुले में शौच करने से कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं। उन्होने यह भी कहा कि सौभाग्य योजना के अन्तर्गत जो लोग अभी तक विद्युत कनेक्शन नही लिये हैं, वो सौभाग्य योजना केअन्तर्गत विद्युत कनेक्शन ले लें। उन्होंने इफ्को के अधिकारियों से अपील किया कि इस तरह का मृदा जीर्णाद्धार एवं उत्पादकता वृद्धि विचार गोष्ठी का आयोजन ब्लाक स्तर तथा आस-पास के जिलों में भी करायें जिससे किसानों में कृषि से संबंधित आधुिनक तकनीक, कृषि रसायन, जैविक खेती, मृदा परीक्षण आदि के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर मुख्य प्रबन्धक (कृ0से0) इफ्को लखनऊ डाॅ0 नायक ने किसानों को इफ्को के अन्य उत्पादों का फसल का उत्पादन में महत्व के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि संबंधित निर्धारित केन्द्रों पर खादों का वितरण किया जा रहा है, और खादों का वितरण पीओएस मशीन द्वारा किया जायेगा। किसान को केन्द्रों से खाद प्राप्त करने के लिए आधार नम्बर देना होगा, तथा खाद खरीदने के बाद रसीद अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी दशा में खाद को खरीदने में एमआरपी मूल्य से अधिक का भुगतान न करें। उन्होने कहा कि इफ्को का खाद खरीदने पर दुर्घटना संकट हरण बीमा के अन्तर्गत 4000 रू0 का बीमा किया जायेगा, जो अधिकतम 25 बोरी तक लागू है तथा यह बीमा उर्वरक खरीदने के बाद के माह से एक वर्ष तक लागू रहेगा।
आशीष सेमवाल आरएमई, इफ्को एमसी, लखनऊ ने किसानों को बताया कि अच्छे उत्पादन के लिए कृषि रसायनो का भी प्रयोग करना होगा तथा बीजों का भी उपचार करें, तभी आने वाली फसलों में होने वाली बीमारियों की सम्भावना कम रहेगी। उन्होने मुख्य फसलों में कीट रोग के नियंत्रण करने के उपाय को भी बताया। उन्होने गेहुं की फसल की सुरक्षा में खर-पतवार उगने से पहले खर-पतवारों के नियंत्रण के लिए जाकियामा तथा खर-पतवार उगने के बाद खर-पतवार को नष्ट करने के लिए कोकोरो, माकोतो, रेकीशी, दीमक के लिए शिनजेन, शिरासागी आदि कृषि रसायनों के बारे में बताया।
इस अवसर पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य संवर्धन एवं मृदा परीक्षण, कृषि विभाग द्वारा किसान हित में संचालित योजनाओं तथा वर्तमान परिवेश में जैविक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर जिलािधकारी शिवाकान्त द्विवेदी, संयुक्त कृषि निदेशक एसके सिंह, जिला सहकारी बैंक आजमगढ़ के अध्यक्ष जय प्रकाश पाण्डेय, उपायुक्त एवं उप निबन्धक सहाकारिता राजेन्द्र कुमार, मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक इफ्को, वाराणसी, राकेश कुमार श्रीवास्तव, निदेशक इफ्को नई दिल्ली, राजकुमार त्रिपाठी, क्षेत्र प्रबन्धक इफ्को आजमगढ़ के डाॅ0 वीके सिंह सहित अधिक संख्या में किसान मौजूद रहे।
आजमगढ़ रिपोर्ट


No comments