दलित शिक्षिका के संग गैंगरेप मामला : पुलिस रिपोर्ट में नहीं हुआ दुष्कर्म
आजमगढ़ : रानी की सराय थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार की शाम को अपरहण कर अनुसूचित जाति की छात्रा के साथ चलती स्कार्पियो में किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना में गुरुवार की दोपहर को पुलिस द्वारा किए गए खुलासा के विरोध में पीड़िता के परिजनों ने ग्रामीणों संग पुलिस कार्यालय पर पहुंच कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान सपा के नगर पंचायत चेयरमैन प्रेमा यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजन के पक्ष में खड़ी हो गई। नगर पंचायत चेयरमैन ने जब रानी की सराय एसओ से फोन पर वार्ता किया। फोन पर हुई वार्ता के बाद परिजन संग ग्रामीण एसपी कार्यालय से पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में शहर कोतवाली के लिए चल दिए। रास्ते में नगर पालिका के समीप वे पहुंचे थे कि तभी महिला थानाध्यक्ष की जिप्सी पर पीड़ित छात्रा को बैठकर आते देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की जिप्सी को रास्ते में रोक कर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पाकर शहर कोतवाल समेत काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों संग परिजनों को खदेड़ कर दूर भगा दिया। प्रदर्शनकारियों को हटते ही पुलिस पीड़ित छात्रा को कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट लेकर रवाना हो गई। इधर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पीड़िता के चाचा समेत अन्य तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। परिवार की महिलाओं के विरोध पर पुलिस ने हिरासत में लिए गए पीड़िता के चाचा को तो तत्काल छोड़ दिया, मगर तीनों युवकों को कोतवाली लेकर पहुंच गई। परिजन भी पुलिस संग कोतवाली पहुंच गए। कोतवाली में परिजनों के आने की खबर पाकर सीओ सिटी अजय कुमार भी पहुंच कर उनसे बात की। परिवार के लोगों ने पीड़िता से मिलने की बात कही तो सीओ ने कहा कि कोर्ट से आने के बाद उन्हें परिजन से मिला दिया जाएगा। सीओ के आश्वासन पर परिजन शांत हो गए।
आजमगढ़ रिपोर्ट

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