विहिप ने जुलूस निकालकर मनाया शौर्य दिवस
आजमगढ़ : विश्व हिन्दू परिषद ने गुरुवार को शौर्य दिवस मनाया। नगर के लालडिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर में गोष्ठी के बाद जुलूस निकाला गया। इसमें कार्यकर्ता पैदल जुलूस निकालते हुए जय श्रीराम के नारे लगाते हुए पुरानी कोतवाली तक गये और जगह.जगह मिठाइयों का वितरण किये।
कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर गुरुवार को हिंदू संगठनों ने शहीद कारसेवकों को श्रद्धासुमन भी अर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज का दिन हिंदुओं के लिए सम्मान का दिन है, क्योंकि आज के ही दिन छह दिसंबर 1993 को रामजन्म भूमि पर स्थित विवादित ढांचा जो ोहदुओं के मान-सम्मान के लिए कलंक था, को हिंदुओं ने ढहाकर मंदिर बनाए जाने का का मार्ग प्रशस्त किया था। इस दौरान विहिप ने सोमनाथ की तर्ज पर मंदिर निर्माण कराने की मांग दोहराई। संचालन बजरंग दल के विभाग संयोजक गौरव रघुवंशी ने किया। कार्यकर्ताओं ने पुरानी कोतवाली तक जय श्रीराम के नारों के साथ पैदल जुलूस निकाला कर शहर में मिठाई वितरित की गई।
विहिप के मुख्य वक्ता सहप्रांत संगठन मंत्री राजेश ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को हिन्दू समाज ने देश में नया इतिहास रचते हुए 464 वर्ष पुराने कलंक को भारत माता के माथे से सर्वदा के लिए मिटा दिये। जो हिन्दुओं के शौर्य का प्रतीक बना इसलिए प्रत्येक वर्ष हिंदू समाज उत्सव के रूप में देखता है। 1984 में विहिप ने आंदोलन को शुरू किया था। हिंदू समाज ने इसे शौर्य का प्रतीक बनाते हुए छोटा सा मंदिर बनाकर रामलला को विराजमान कर दियेए जहां आज भी पूजा अर्चना होती है। जब तक भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। विहिप नगर अध्यक्ष राधामोहन गोयल ने कहा कि संतो और हिंदू समाज का संकल्प है कि जहां पर रामलला विराजमान है वहीं मंदिर का भव्य निर्माण होगा। इस मौके पर आलोक राय, पंकज शर्मा, गौरव पांडेय, अरविन्द, शंशाक, मिथुन राणा सिंह, अवनीश, प्रणय, सूरज, अंकित, राजू, गौतम, विपिन, भोला, अंकुर, सोनू, अशोक, अभि निषाद, गोविंद सिंह, अमित, पंकज, राज गौरव आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़ रिपोर्ट

No comments