भाजपा आज़मगढ़ सदर लोकसभा सीट से सहजानन्द राय को बना सकती है प्रत्याशी
आजमगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के टिकट बटवारा आख़िरी दौर में चल रहा है, ऐसे में मुलायम सिंह यादव के गढ़ आज़मगढ़ में भाजपा को किला भेदना मुश्किल नज़र आता है। ख़बर यह भी सुनने को मिल रही है कि खुद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज़मगढ़ सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
वही भाजपा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ख़िलाफ़ विवादित बयान देकर व एक ऑडियो टेप में ठाकुर व ब्राह्मण पर विवादास्पद बोलने पर भाजपा संगठन में अपनी किरकिरी करा चुके पूर्व सांसद रमाकांत यादव को टिकट मिलने की कम ही आस नज़र आ रही है।
ऐसे में अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ भाजपा अपने तुरुप के इक्के जिसनें समाजवादी पार्टी के सरकार के समय भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर रहते हुए भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत कर एक दमदार नेता के तौर पर जिले के राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व वर्तमान में भाजपा संगठन में क्षेत्रीय महामंत्री गोरखपुर क्षेत्र व मुख्यमंत्री के जिले गोरखपुर के प्रभारी के रूप में 2 वर्षों से कार्य कर रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद क़रीबी सहजानन्द राय को प्रत्याशी बनाकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से भाजपा यह चुनाव जीतना चाहेगी। ऐसी चर्चा हर भाजपा कार्यकर्ता के जुबान पर सुनने को मिल रही है।
सहजानन्द राय पूर्व में क्षेत्रीय मंत्री गोरखपुर क्षेत्र, जिलाध्यक्ष भाजपा आज़मगढ़, दो बार जिला महामंत्री भाजपा, दो बार जिलाध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा आज़मगढ़ सहित लंबे समय तक छात्र राजनीति करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री भी रह चुके है तथा आज़मगढ़ के युवाओं में बेहद लोकप्रिय हैं। युवाओं के बेहद मजबूत टीम इनके साथ सदैव मौजूद रहती है।
ऐसे में अगर भाजपा सहजानन्द राय पर दांव लगाती है तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चुनाव जीतना मुश्किल नज़र आता है।





Ye har jayenge
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