सोशल मीडिया पर किए जाने वाले हर पोस्ट की होगी पड़ताल
आजमगढ़ : मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया की निगरानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, जाति विशेष व भड़काऊ आडियो-वीडियो के आदान-प्रदान करने के अलावा राजनैतिक कमेंट के मैसेज व ब्लाग पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया पर किए जाने वाले हर पोस्ट की पड़ताल की जा रही है।
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही समर्थकों की सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ गयी है। पार्टी व प्रत्याशी के प्रचार प्रसार के साथ ही दूसरे नेताओं व पार्टियों के खिलाफ टिप्पणी का भी दौर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर नियंत्रण रखना पुलिस व प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भी होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिसूचना जारी करते हुए सोशल मीडिया के लिए गाइड लाइन भी जारी कर दी है। इसके लिए उन्होंने गूगल, फेसबुक, जैसे प्रमुख सोशल मीडिया के लिए अलग से नियमावली जारी की है। ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, वाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया पर राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कोई भी वीडियो व आडियो के अलावा अन्य मैसेज को पोस्ट करने और उसे शेयर करने वालों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने जिले में सोशल मीडिया निगरानी सेल का गठन किया है। यह सेल एसपी के कैंप कार्यालय पर संचालित है। एक इंस्पेक्टर को सेल का प्रभारी बनाया गया है और सेल में आइटी के विशेषज्ञ छह आरक्षियों की भी तैनाती की गई है। पुलिस की ओर से बनायी गई सोशल मीडिया निगरानी सेल अपना कार्य शुरू कर दिया है। इसी प्रकार से जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी एक सेल बनाया गया है। जो राजनैतिक पार्टी व उनके नेताओं की ओर से चुनाव से संबंधित खबर, प्रचार प्रसार से संबंधित विज्ञापनों पर नजर रखेगी।

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