शिक्षा के हो रहे व्यापारीकरण के खिलाफ लामबंद हुआ विद्यार्थी परिषद, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
आजमगढ़ : शिक्षा के हो रहे व्यापारीकरण व अवैध धन उगाही खिलाफ मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आजमगढ़ के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया और जिलाधिकारी को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ व सुगम बनाने के लिए 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मांग किया कि विद्यालय में प्रवेश शुल्क प्रत्येक वर्ष न लेकर एक बार ही लिया जाय, आर्थिक एवं सामजिक रूप से पिछड़े हुए विद्यार्थियों को प्रत्येक कक्षा में 25% अनुपात में प्रवेश दिया जाए एवं सम्पूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी तथा सार्वजनिक हो।, निजी विद्यालयों को सभी प्रकार के शुल्क 60 दिन पूर्व सार्वजनिक करें, कोई भी निजी विद्यालय पांच वर्षो तक ड्रेस कोड न बदले, वैकल्पिक शुल्क(बस, बोर्डिंग, मेस, टूर, कार्यक्रम) विद्यालय बिना विद्यार्थी के इच्छा से नहीं ले सके, प्रवेश शुल्क लेते वक्त शुल्क का समस्त विवरण अभिवावकों को दिया जाय, निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने के लिए निम्न प्रकार कि अहर्ताएं होती है जिसको वो तत्काल समय में उन मान्यताओं को दिखाकर बाद में उसको समाप्त कर देते है, जिसकी समय-समय पर जाँच होनी चाहिए, समस्त निजी विद्यालयों में शिक्षक छात्र अनुपात मानक के अनुरूप व पर्याप्त शिक्षकों कि व्यवस्था करें, प्रवेश परीक्षा फॉर्म के नाम पर अवैध वसूली रोकी जाए, विद्यालय कि मान्यता जिस कक्षा तक है वही कक्षाएं संचालित हो, विद्यालयों वाहनों में सही अनुपात में विद्यार्थियों को आवागमन कराया जाए, मानक के अनुरूप प्राथमिक चिकित्सा किट विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाए, जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित से समन्वय कर शुल्क नियामक समिति का गठन किया जाए, निजी विद्यालयों में व्याप्त अनियमिताओं के निगरानी के लिए जिला प्रशासन की एक निगरानी समिति का गठन किया जाए आदि।
इस दौरान प्रांत सहमंत्री आकाश गौड़ 'गीत' ने बताया कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के निर्माण की बुनियाद होती है। अतः राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा सुलभता सस्ती होनी चाहिए। वर्तमान समय में निजी विद्यालय समाज के लोगों से शिक्षा के नाम पर धन उगाही का कार्य कर रहे हैं। पूरे जिले में आज शिक्षा व्यवस्था अत्यंत जर्जर हो गई है, जिसमें सुधार की अत्यंत आवश्यकता है।
जिला संगठन मंत्री आदित्य द्विवेदी ने बताया कि जिस प्रकार जिले की शिक्षा व्यवस्था जर्जर है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे देश का भविष्य सही शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएगा। इस गंभीर समस्या को देखते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी को 14 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया और यह मांग किया गया कि जिले में हो रहे अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाकर प्रभावी कार्यवाही की जाये।
जिला संयोजक कृशानु गिरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर हमारी मांगों को पूर्ण कर बेहतर शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें अन्यथा विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। इस अवसर पर बादल सिंह, डॉ रवि सिंह, साकेत श्रीवास्तव, अमन सिंह, ऋषभ सिंह, शिवम श्रीवास्तव, आनंद यादव, सुधांशु ओझा, निलांबुज राय, अवनीश, शुभम गुप्ता, रमापति, प्रियम मिश्रा, सूरज मिश्रा, गोपी सिंह, कुलदीप गिरी, सिद्धार्थ समेत सैकड़ों कार्यकर्ता वह छात्र मौजूद रहे।




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