पिछड़े वर्ग का वोट बांटने के लिए विभिन्न बिरादरियों के छोटे-छोटे संगठन बनवाती है भाजपा
आजमगढ़ रिपोर्ट
आजमगढ़ : पहली बार सपा और बसपा की संयुक्त जनसभा का आयोजन जिले के रानी की सराय चेकपोस्ट पर हुआ। जिसमें बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा पर पिछड़े वर्ग के वोट बांटने के लिए विभिन्न बिरादरियों के छोटे-छोटे संगठन बनवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके लिए भगवा दल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के घर में भी डकैती डाल दी है। मायावती ने सपा-बसपा-रालोद की संयुक्त रैली में कहा कि वर्ष 2007 में बसपा द्वारा सामाजिक भाईचारे के आधार पर सरकार बनाए जाने से बौखलाई भाजपा ने अति पिछड़ी जातियों के कुछ ‘स्वार्थी लोगों’ को पकड़ लिया और पिछड़े वर्ग का वोट बांटने के लिए उनकी पार्टियां बनवा दीं। अब जब लोकसभा और विधानसभा का चुनाव होता है तो भाजपा उनमें से कुछ पार्टियों को पैसा देकर बैठा देती है या फिर एक-दो सीट दे देती है और उसकी आड़ में उनके समाज का वोट लेती है।
उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा ने अखिलेश यादव के घर में भी डकैती डाल दी है। उनके चाचा शिवपाल यादव को तोड़कर उनकी अलग पार्टी बनवायी। जहां-जहां भाजपा के उम्मीदवार खड़े होंगे, वहां सपा के वोट काटने के लिए शिवपाल के उम्मीदवार खड़े कराए। उत्तर प्रदेश में जितनी भी दलित बिरादरियों के छोटे-छोटे संगठन बने हैं, वे भाजपा ने वोट बांटने के लिए बनाए हैं। आप उनसे दूरी बनाए रखें। मायावती ने कहा कि सपा-बसपा का रिश्ता हमारी संस्कृति और सभ्यता के हिसाब से बना है, मगर गठबंधन की कामयाबी से बौखलायी भाजपा इस रिश्ते का सम्मान करने के बजाय हमारी सभ्यता और संस्कृति पर ही तंज कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक पांच चरणों के चुनाव में गठबंधन के पक्ष में जबर्दस्त मतदान होने के मद्देनजर ऐसा लग रहा है कि इस बार चुनाव में यहां हमारे लोग नमो-नमो वालों की छुट्टी करने वाले हैं और अपने जय भीम करने वालों को ही लाने वाले हैं। मायावती ने 'निरहुआ' का नाम लिए बिना कहा कि भाजपा की नीति है फूट डालो और राज करो। इसी के तहत उसने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के सामने उनकी ही जाति के प्रत्याशी को खड़ा कर दिया। कलाकार आएगा और अपनी कलाकारी दिखाएगा। अब कलाकार इतनी कलाकारी अखिलेश को तो नहीं आती। आजमगढ़ की जनता अखिलेश के खिलाफ खड़े भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को चुनाव में इतनी बुरी तरह हराए कि यह व्यक्ति भविष्य में उनके आगे कभी चुनाव लड़ने की हिम्मत न जुटा पाये। मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने अथक प्रयास से गरीबों, दलितों और अति पछिड़ों के लिए कानून बनाया लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग बाबा साहेब की बातों से सहमत नहीं हुए। इसके बाद बाबा साहेब ने इन जातियों को जगाने का निर्णय लिया। हमारे गठबंधन को यह लोग महामिलावटी कहते हैं। लेकिन वह इस गठबंधन को खतरा मानते हैं। यह गठबंधन महामिलावटी नहीं है मिलावटी तो प्रधानमंत्री खुद है। मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने अथक प्रयास से गरीबों, दलितों और अति पछिड़ों के लिए कानून बनाया लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोग बाबा साहेब की बातों से सहमत नहीं हुए। इसके बाद बाबा साहेब ने इन जातियों को जगाने का निर्णय लिया। हमारे गठबंधन को यह लोग महामिलावटी कहते हैं। लेकिन वह इस गठबंधन को खतरा मानते हैं। यह गठबंधन महामिलावटी नहीं है मिलावटी तो प्रधानमंत्री खुद है।



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