Breaking Reports

स्वाभिमान मंच ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराने व बीएसए के स्थानांतरण के लिए जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन




आजमगढ़ रिपोर्ट
आजमगढ़ : स्वाभिमान मंच के प्रतिनिधिमण्डल ने अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिलाधिकारी के कार्यालय में पहुँचकर बेसिक शिक्षा विभाग आज़मगढ़ में बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की जांच कराने व उनका स्थानान्तरण करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की ढुलाई जनपद से ब्लॉक स्तर एनपीआरसी पर पहुँचने में की गयी वित्तीय अनियमितता व शासकीय धन के दुरुपयोग/क्षति के सम्बंध में ज्ञापन सौंपा गया है। निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों को जनपद स्तर से ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने हेतु वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक ट्रक के भाड़े व डीजल मजदूरी हेतु अधिकतम 12 लाख तक व्यय किया जाता रहा है, तब बच्चो का अनुपात भी ज्यादा था, अब वित्तीय वर्ष 2018-19 में यही खर्च 35-40 लाख किस प्रकार हो गया जबकि इस बार बच्चों का अनुपात भी कम है।
ट्रको की जगह छोटे वाहनों से ढुलाई कराई जा रही थी जिससे जिस ब्लॉक में 7000 खर्च आता,
वहां 25000 खर्च कर रहे है, वर्तमान वित्तीय वर्ष में बिना टेंडर कराये ढुलाई का काम अपनी चहेती फर्म से करा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जाते है जिनमे खाद्यान्न व स्टेशनरी संबंधी वस्तुओं के आपूर्ति हेतु दिनांक-23-02-2019 को ई निविदा आमंत्रित की गई थी, परंतु किन्ही कारणों से निरस्त कर दी गयी। पुनः 14 जून 2019 को ई निविदा आमंत्रित को गयी व बिना पूर्व सूचना / आदेश के पूर्व की आमंत्रित ई निविदा के नियम व शर्तों को अपनी चहेती फार्म को टेण्डर दिलाने के लिए बदल दिया गया।
यह कैसे संभव हो सकता है कि पूर्व में आमंत्रित निविदा को नियम व शर्ते कुछ और हो और निरस्तीकरण के बाद पुनः आमंत्रित निविदा की नियम व शर्ते बिल्कुल ही बदल ही जाए। जो आमंत्रित निविदाओं को संदेहास्पद बनाता है।
स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने आरोप लगाते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा जनपद के रहने वाले है तथा कुछ फार्म जिन्होंने ने निविदाएं भरी है वो गोंडा जनपद के आसपास की ही फर्म हैं, तथा बीएसए सभी फर्मो के साथ मिलकर सिंडीकेट बनाकर कार्य करते हैं, तथा बीएसए ने अपनी चहेती फर्मों को टेंडर दिलाने के लिए नियम व शर्तों में परिवर्तन कर दिया, जिससे इनकी चहेती फर्मो को लाभ पहुँच सके।
इन सब स्थितियों से स्पष्ट होता है कि बीएसए द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में भ्रष्टाचार जारी है, फर्मो के द्वारा बाजार मूल्य से अधिक का रेट डाला जाता है, और अधिक से अधिक लाभ कमाया जाता है, जिससे विभाग व राजकीय कोष को क्षति पहुचाई जा रही है।
उन्होंने ने जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध किया कि बीएसए महोदय का स्थानांतरण कराते हुए निष्पक्ष रूप से किसी अन्य विभाग द्वारा पूरे प्रकरण को जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।
स्वाभिमान मंच के प्रतिनिधिमंडल में सत्यविजय राय एडवोकेट, रजनीश श्रीवास्तव एडवोकेट, अजय कुमार यादव एडवोकेट, संजीव कुमार सिंह एडवोकेट, मानवेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट, राघवेंद्र मिश्रा, मयंक कुमार श्रीवास्तव, चंचल पाठक शामिल रहें।


No comments