दहेज आधुनिक समाज का कोढ़
लेख-बृजभूषण रजक
दहेज समाज का कोढ़ है। दहेज ही भ्रूण हत्या का मुख्य कारण है। कहा तो जाता है कि दहेज लेना और दहेज देना दोनों पाप है। दहेज को रोकने के लिए तमाम कानून बनाए गये। लेकिन कानून का पालन करने वालो का सच धरातल पर दिखता है। यह तो सभी लोग जानते हैं।
आजकल दहेज का प्रभाव इस चरम पर हो गया है कि गरीब परिवार की लड़कियों के विवाह में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके पास धन है वह अपने लड़कियों के विवाह के लिए दहेज देकर मनचाहे वर के साथ अपनी लड़कियों को विदा कर रहा हैं। लेकिन गरीब परिवार की लड़कियां पैसे के अभाव में योग्य वर और संपन्न परिवार से हमेशा वंचित हो जाती हैं। कुछ तो ऐसे पिता हैं जो अपनी कन्या को धन के अभाव में अयोग्य वर जैसे बूढ़े वर से विवाह कराने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कुछ लोग तो अपनी सम्पत्ति बेचकर और कर्ज़ लेकर अपनी कन्या का विवाह करते हैं एवं जिंदगी भर कर्ज भरने लग जाते हैं। दहेज की इस कुरीति का मुख्य कारण हम ही हैं। जब हम अपने कन्या का विवाह करने के लिए कहीं जाते हैं तो उस समय दुनिया के सबसे गरीब बन जाते हैं। दहेज का तब खूब विरोध करते हैं। वही जब अपने लड़के का विवाह करने के लिए जाते हैं तो तब सबसे अमीर बनकर दहेज की मांग करते हैं। यही कारण है कि समाज में दहेज रूपी दानव को हम समाप्त नहीं कर पाते हैं। अगर दहेज को समाप्त करना है तो सभी वर्गों व युवाओं को मिलकर एक साथ इसका विरोध करना होगा और दहेज मांगने वालों को समाज के लोग सामाजिक दंड के साथ-साथ कानूनी कार्यवाही भी करवाये। दहेज मांगने वालों के साथ अपनी कन्या का विवाह नहीं करें। कुछ ऐसे संपन्न परिवार वाले अपने लड़के का विवाह गरीब परिवार में उसका सहयोग करके करें। वहीं कुछ अमीर कन्याओं के पिता दहेज देने की बजाय गरीब परिवार के लड़के को रोजी रोटी से जोड़कर उससे विवाह कराएं। बहुत सी जगहों पर दहेज के कारण बहू बेटियां जलाई और मारी जाती हैं। दहेज के कारण भ्रूण हत्या हो रही है। कोई भी परिवार कन्या को जन्म नहीं देना चाहता है। यही कारण है कि कन्याओं का जन्म दर घटता चला जा रहा है। आने वाले समय में समाज पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा। एक ऐसा समय आ सकता है जब लड़के वाले लड़की वाले को दहेज देकर अपना विवाह करने पर मजबूर हो जाएंगे और बहुत से लड़को का विवाह नहीं हो पाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाकर बहुत से गरीब परिवारों का सहयोग किया है। प्रदेश में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो दहेज का विरोध करते हुए लोगों को जागरूक करने में लगे हुए हैं। आजमगढ़ जिले के आजाद कल्याण समाज सेवा समिति रासेपुर द्वारा दहेज रहित सामूहिक विवाह लगातार 17 वर्षों से कर रहा हैं । यह संस्था द्वारा नाटक, एकांकी, पोस्टर, हैंड बिल, दीवाल लेखन के माध्यम से लोगों को दहेज के विरोध में जागरूक करते चली आ रही हैं। ऐसे ही भारत के सभी नागरिकों को दहेज का जमकर विरोध करना चाहिए और इसके लिए कड़े से कड़े कानून बनाए जाने चाहिए और उसको धरातल पर उतारने की जरूरत है।

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