जिलाधिकारी ने निःशुल्क किताबों तथा यूनिफार्म का वितरण, विद्युत आपूर्ति, पारदर्शी किसान सेवा योजना, नहरों एवं राष्ट्रीय नलकूपों का संचालन, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन आदि विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की
बृजभूषण रजक रिपोर्ट
आजमगढ़ : जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल मिशन (नये हैण्डपम्प का अधिष्ठापन), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (राशन कार्डाें में आधार सीडिंग की स्थिति), कक्षा 8 तक के छात्र छात्राओं का निःशुल्क किताबों तथा यूनिफार्म का वितरण, विद्युत आपूर्ति, पारदर्शी किसान सेवा योजना, नहरों एवं राष्ट्रीय नलकूपों का संचालन, प्रधानमंत्री आवास/मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन आदि योजनाओं की बिन्दुवार विस्तार से समीक्षा की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा खाद्यान्न वितरण की समीक्षा में डीएसओ को निर्देश दिये कि खाद्यान्न वितरण ई-पास मशीनों के द्वारा करायें, आधार कार्ड की फीडिंग, सीडिंग तथा वैलीडेशन आदि को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कोटेदारों के साथ बैठक भी करें। आगे उन्होने कहा कि कोई भी अन्त्योदय कार्ड धारक जो सबसे गरीब है, यदि वह बीमार या आने में असमर्थ है, तो खाद्यान्न वितरण उसके घर तक उपलब्ध करायें।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर लम्बित शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तायुक्त हो तथा डिफाल्टर शून्य होना चाहिए। नहरों एवं राष्ट्रीय नलकूपों के संचालन की समीक्षा में नहर विभाग के संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये कि नहरों में टेल तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने विद्युत आपूर्ति की समीक्षा में बताया कि मेरे स्वयं द्वारा रविवार को रैण्डम आधार पर कुछ कस्बों में सम्भ्रमान्त लोगों से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पर बात की गयी, जिसमें पाया गया कि विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से ठीक नही है। इस पर जिलाधिकारी अधिशासी अभियन्ता विद्युत को निर्देश दिये कि विद्युत आपूर्ति में सुधार लायें नही तो सख्त कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया जायेगा।
इसी के साथ ही साथ जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता जल निगम को निर्देश दिये कि आप की कितनी परियोजना चालू हालत में है, तथा कितनी बन्द है, यदि बन्द है तो उसका क्या कारण है, इस पर रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध करायें। इसी के साथ ही साथ जो परियोजनाएं गांव में चल रही हैं, उस पर पानी का चार्ज आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा किस प्रकार से वसूली करवायी जाये, इसके लिए कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध करायें।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि शौचालय निर्माण के अन्तर्गत जितनी धनराशि भेजी गयी है, उसमें से जो धनराशि अवशेष पड़ी है, उस धनराशि को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें, जिससे कि एलओबी के अन्तर्गत शौचालय निर्माण में जिन गांवों में धन की आवश्यकता है, उसके हिसाब से धनराशि का आवंटन किया जाय।
इसी के साथ ही साथ जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने संबंधित ब्लाकों में सबसे खराब कार्य करने वाले दो-दो ग्राम प्रधान एवं उसके सेक्रेटरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना सुनिश्चित करें, जिससे कि संबंधित ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर तथा ग्राम सचिवों की बर्खास्तगी की जा सके।
उन्होने प्रधानमंत्री आवास/मुख्यमंत्री आवास ग्रामीण के अन्तर्गत परियोजना निदेशक को निर्देश दिये कि जो आवास के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं, उसे इस माह में पूर्ण करना सुनिश्तिच करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डी0एस0 उपाध्याय, डीडीओ रवि शंकर राय, पीडी अभिमन्यु सिंह, डीसी मनरेगा बीबी सिंह, डीसी एनआरएलएम बीके मोहन, जिला कृषि अधिकारी डाॅ0 उमेश कुमार गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी डाॅ0 जितेन्द्र प्रताप सिंह, अधिशासी अभियन्ता विद्युत अरविन्द सिंह, अधिशासी अभियन्ता जल निगम एसके सिंह यादव सहित अन्य संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



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