सरयू नदी में मचाई तबाही, रिंग बांध टूटने से दो गांव में घुसा पानी और महुला-गढ़वल मुख्य बांध पर बढ़ा दबाव
आजमगढ़ : सगड़ी तहसील के उत्तरी हिस्से में बहने वाली सरयू नदी की विनाशलीला तेज हो गई है। शुक्रवार की सुबह 6 बजे गांगेपुर, दाम महुला और जमुआरी का रिंग बांध टूटने से महुला-गढ़वल मुख्य बांध पर दबाव बढ़ गया है। बाढ़ से 121 गांवों के लोग प्रभावित हैं। 63 गांवों में पानी घुसने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है। सौ परिवारों ने घरेलू सामान और पशुओं के साथ महुला-गढ़वल बांध पर डेरा डाल लिया है। सरकारी स्तर पर शिविर की व्यवस्था न होने से रात व्यतीत करना मुश्किल हो गया है। जमुआरी गांव में पांच लोगों के आशियाने नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं, तो देवारा खास राजा के झगरहवा पुरवा समेत कई गांवों में तेजी से हो रही कटान शुरू हो गई है।
शुक्रवार को जलस्तर में 24 सेटीमीटर की वृद्धि रिकार्ड की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए 290 नाव लगाने का दावा तो किया है, लेकिन वह अपर्याप्त साबित हो रही हैं। स्थिति की भयावहता काे देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र के गांवों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। गुरुवार को डिघिया नाला गेज पर जलस्तर खतरा निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गया। घरों में पानी घुसने से खाद्यान्न व चारे के लिए रखा गया भूसा भींग गया है। निचले हिस्से में बचे देवारा खास राजा, चक्की, बूढ़नपट्टी, बांका, सोनौरा, अभ्भनपट्टी, अजगरा, शाहडीह, भदौरा आदि गांवों के लोग ज्यादा परेशान हैं।
गोरखपुर आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर दबाव पड़ने लगा सुबह 11 बजे गोरखपुर आजमगढ़ की ओर से इस मार्ग को भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई ।वाहन मऊ के रास्ते गोरखपुर की ओर जा रहे हैं। दोपहर 12:00 बजे तक 50 मीटर तक बांध कट गया। मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। ग्राम पंचायत दाम महुला के आजमगढ़ दोहरीघाट पर हो रहे रिसाव की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को सूचना के बावजूद यहां कोई नहीं आया। ग्रामीण खुद ही रिसाव को ठीक करने में जुटे रहे।

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