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महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंजनी मिश्रा मुख्यालय अटैच, अमृतलाल बने नए रजिस्ट्रार

 


आजमगढ़ : महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर मुरादाबाद स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रहे अमृतलाल को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

बताया जा रहा है कि यह बदलाव हाल ही में सामने आए एक रिश्वत प्रकरण के बाद किया गया है। 29 अप्रैल को विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी संजय यादव को विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त बाबू संजय यादव ने रजिस्ट्रार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हीं के कहने पर यह रिश्वत ली गई थी। बाबू के ऑफिस की अलमारी की तलाशी ली तो अलमारी में रखे एक लाख 80 हजार रुपए नगद भी बरामद किए गए हैं। रजिस्ट्रार के बाबू संजय यादव डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर 300000 की डिमांड किए थे, जिसमें 50000 दिए गए थे।

बताते चले की डॉ अंजनी कुमार मिश्रा का भ्रष्टाचार से पुराना नाता है। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या में एक प्रबंध समिति के प्रकरण में 5 लाख रुपए रिश्वत के मामले में सस्पेंड किया गया था। वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यकाल के दौरान भी उनके खिलाफ कथित अनियमितताओं की शिकायतें राज्यपाल और उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंची थीं, तो इसका ट्रांसफर आजमगढ़ विश्वविद्यालय में हो गया। कुछ सूत्र उनके पास बड़ी मात्रा में अचल संपत्ति होने का भी दावा करते हैं। इनके पास लखनऊ में 50 करोड़ का एक बंगला लखनऊ में 17 जगह पर भूखंड जिसकी कीमत करोड़ में आकी जा रही है।

 प्रकरण की जांच अभी जारी है और संबंधित एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं।


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