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बेटे ने ही रची थी पिता की हत्या की साजिश, दो गिरफ्तार



आजमगढ़ रिपोर्ट
आजमगढ़ : रौनापार थाना क्षेत्र में  25 जुलाई 2019 को स्कूल का वाहन चालक बच्चो को स्कूल छोड़कर वापस घर आते समय रास्ते में दो मोटर साइकिल सवार अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मार दिया। जिसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।  मृतक की पत्नी कमला देवी की सूचना पर थाना रौनापार पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। 
   
    मौके पर पुलिस अधीक्षक प्रो0 त्रिवेणी सिंह घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना का शीध्र अनावरण करने के आदेश दिये गये थे। जिसके क्रम में थाना प्रभारी रौनापार दिनेश पाठक अपनी पुलिस टीम के द्वारा घटना से सम्बन्धित आरोपियो की तलाश जुटे थे। जिस पर आज गुरूवार को थाना प्रभारी रौनापार दिनेश पाठक मय हमराही द्वारा मृतक के पुत्र चन्द्रशेखर यादव को समय 09.05 बजे खौजौली नकीब से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर अपने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मेरे पिता का सम्बन्ध प्रारम्भ से ही मेरे बड़ी माँ से था। जिस कारण मेरे पिता मेरी माँ के साथ नही रहते थे। 12 वर्ष पहले मेरे पिता ने तीन बिगहा जमीन 1.56 लाख में बेचकर आधा पैसा अपने भाई के नाम व 85,000/- रूपये अपने नाम रौनापार पोस्टआफिस में जमा किया था। जो वर्ष 2017 में ही पूरा हो गया। जिस पैसे में नामिनी के तौर पर अपने भाई रामबृक्ष का नाम दर्ज कराये थे। कुछ माह पहले घर बनवाते समय पिता से पैसा मांगा तो उन्होने मुझे एक भी रूपया देने से इन्कार कर दिया। तथा मेरे घर को भी रूकवा दिया। इसी बीच ज्ञात हुआ कि मेरे  चाचा कुमार ने अपनी पुरी प्रापर्टी रामबृक्ष या उनकी औरत के नाम से बैनामा कर दिया हैं। मुझे डर सताने लगा कि मेरे पिता भी अपनी पूरी प्रापर्टी अपने भाई या भाभी के नाम न कर दें। तब मैने पिता को मरवाने का निश्चय कर लिया।

 पिता को मरवाने के लिए मैं अपने रिश्तेदार माधव यादव पुत्र स्वामी नाथ यादव निवासी नौबरार देवारा जदीद किता-1 थाना महराजगंज से बात किया तो उसने अपने मित्र लक्ष्मण यादव पुत्र रामदरश यादव सा0 नौबरार देवारा जदीद किता-1 (उल्टहवा) थाना महराजगंज आजमगढ़ व सुबाष यादव पुत्र रामराज यादव सा0 आराजी नौबरार करखिया किता-1 (निबिहवा) थाना रौनापार से मेरी मुलाकात करायी। एक लाख रूपये में माधव ने डील पक्की की। दो किस्तो में मैने एक लाख रूपया माधव को दे दिया। तथा बताया कि मेरे मुम्बई चले जाने पर मेरे पिता को मार देना जिससे मेरे उपर कोई शंका न करे। पुलिस ने माधव यादव को गिरफ्तार किया गया तथा पूछने पर माधव यादव ने अपना जुर्म कबूल किया। उपरोक्त फरार अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु 25-25 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित किया गया।
उपरोक्त गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रूपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।


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