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पशुओं की चोरी कर बेचने वाले दो गिरफ्तार, तमंचा व बोलेरो बरामद


आजमगढ़ : सरायमीर थाने की पुलिस संजरपुर बाजार में मौजूद थी। तभी स्वाट प्रभारी निरीक्षक आनन्द सिंह अपने साथी टीम के साथ पहुँच गये। प्रभारी स्वाट ने बताया कि कसाइयों का एक गैंग जो चोरी की गाड़ी से रात्रि में घूमकर बकरी, भैस, मुर्गा आदि चुराता है वह गैंग अभी चोरी की गाड़ी बेचने के लिए यहां पहुँचने वाला है। मुखबिर उसके पीछे लगा है कभी भी सूचना आ सकती है। 

पुलिस टीम आपस में बात कर ही रही थी कि तभी मुखबिर आकर बताया कि कसाईयों का वह गैंग चोरी की बोलेरो लेकर आ गया है और खण्डवारी नहर पुलिया के पास गाड़ी खड़ी कर खरीदने आने वालों का इन्तजार कर रहा है। इस सूचना पर विश्वास कर कार्य योजना बनाकर पुलिस बल की दो टीमे बनाकर एक टीम निरीक्षक आनन्द सिंह के नेतृत्व में जो सादे वस्त्रों एवं दूसरी टीम प्रभारी सरायमीर के नेतृत्व में लेकर खण्डवारी नहर पुलिया की तरफ रवाना हुए कि सादे वस्त्रों वाली टीम मुखबिर को साथ लेकर अपराधियों की पहचान करते हुए खण्डवारी नहर पुलिया पार कर आगे रूक गये। तभी प्रथम टीम ने बताया कि नहर पुलिया पर एक सफेद रंग की बोलेरो खड़ी है, उसमें तीन लोग बैंठे है। खरीददार भी आ गया है। इस पर पुलिस की दोनों टीमों ने घेरना चाहा कि तभी चालक सीट पर बैठा व्यक्ति पुलिस वालों को आता देख गाड़ी से उतर कर नहर के किनारे से झाड़ियों व अंधेरे का लाभ लेते हुए भागने में सफल हो गया। अन्य दो व्यक्तियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े गए व्यक्तियों में एक ने अपना नाम शाकिब पुत्र स्व0 सफीउल्ला उर्फ मुन्ना निवासी मानीकला थाना खेतासराय जिला जौनपुर बताया जिसके कब्जे एक तमंचा 315 बोर व एक जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ तथा दूसरे ने अपना नाम मंगरू साहनी पुत्र घुरहू निवासी मित्रसेनपुर थाना रानी की सराय बताया जिसके पास से एक तमन्चा 12 बोर व एक जिन्दा कारतूस 12 बोर बरामद हुआ।

 फरार व्यक्ति के बारे में बताया कि वह हमारा साथी है जिसका नाम नियाज पुत्र खालिक निवासी घम्मौर थाना खुटहन जिला जौनपुर है। पकड़े गये व्यक्ति से बोलेरो के बारे में पूछताछ किया गया तो साकिब ने बताया कि यह गाड़ी चोरी की है, जो नियाज व भोनू पुत्र लक्खू निवासी घम्मौर थाना खुटहन जिला जौनपुर ने खानपुर बाजार से चोरी किये थे। हम लोग इस गाड़ी से रात में चोरी करते थे। हम लोगों को बकरी, मुर्गा, भैंस, पाड़ा जो कुछ भी मौके पर मिल जाता था उसको गाड़ी में भरकर भाग जाते थे। चोरी के जानवरों को हम लोग काट कर बेच देते या काटने वालों को बेच देते थे। हम लोग इस गाड़ी का उपयोग लगातार चोरियों में किये है। इस कारण यह गाड़ी पुलिस की निगाह में आ गयी थी जिससे पुलिस इस गाड़ी व हम लोगों को तलाश करने लगी तो बचने के लिए इस गाड़ी को बेचने आये थे। मेरे साथ जो मंगरू साहनी पकड़ा गया है यह ही इस गाड़ी को खरीदने आया था।

 मंगरू निषाद ने पूछताछ में बताया कि मैं बेरोजगारी से परेशान होकर गाड़ियाँ चोरी करता हूँ। मंगरू से पुलिस ने पूछा कि तुम कैसे व किसके साथ आये हो तो उसने बताया कि मैं एक बोलेरो गाड़ी से आया हूँ जो नहर के रास्ते आगे चलकर जहां प्लाटिंग हो रही है वही खड़ी है। मंगरू साहनी की निशानदेही पर दूसरी गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया।

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