कोई विशेष वर्ग निर्वाचन प्रक्रिया से वंचित न हो : डीएम राजेश कुमार
उन्होंने कहा कि इस हेतु समस्त उप जिलाधिकारी क्षेत्र में रहने वाले निवासियों के बारे में यह जानकारी एकत्र कर लें कि कोई विशेष वर्ग निर्वाचन प्रक्रिया से वंचित न हो। क्षेत्र में कोई प्रभावशाली व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करने की स्थिति में न हो। ऐसे मतदान केन्द्र जिनमें पूर्व में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ हो तो उसके कारणों का पता लगाना एवं ऐसे मतदान केन्द्र जहां किसी एक प्रत्याशी को 75 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए हों, उसके कारणों का पता लगाएं। ऐसे सभी मतदान केन्द्र/स्थल को चिन्हित किया जाना जहां पूर्व के दो निर्वाचनों में किसी भी प्रकार की अप्रिय/शांति व्यवस्था को प्रभावित करने से सम्बन्धित घटना बूथ पर निर्वाचन के दौरान घटित हुई हो। ऐसे सभी मतदान केन्द्र/स्थल को चिन्हित किया जाना जहां किसी भी कारणों से पुनर्मतदान हुआ हो। ऐसे मतदाताओं का पता लगाया जाना जो किसी कारण से मतदान सूची में सम्मिलित न हुए हों अथवा उसका नाम एक से अधिक ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हो तथा मतदान केन्द्र के क्षेत्र में पूर्व में हुए कोई भी साम्प्रदायिक एवं जातीय घटना तथा उसका निर्वाचन से सम्बन्ध, का पता लगाया जाना है।
आयोग के उक्त सन्दर्भित पत्र द्वारा यह भी निर्देशित किया है कि मतदान केन्द्रों/स्थलों के संवेदनशीलता के चिन्हिकरण हेतु तहसीलवार एक समिति का गठन किया जाए, जिसमें सम्बन्धित तहसील के उप जिलाधिकारी अध्यक्ष, सम्बन्धित क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी उपाध्यक्ष, सम्बन्धित तहसील के तहसीलदार सदस्य, सम्बन्धित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी सदस्य/सचिव तथा सम्बन्धित थाना के थानाध्यक्ष सदस्य होंगे।
उन्होने बताया कि पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 हेतु मतदान केन्द्रों/स्थलों को असंवेदनशील, संवेदनशील, अतिसंवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील प्लस श्रेणियों में विभक्त किये जाने हेतु समिति का गठन किया जा चुका है।
उन्होने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 हेतु मतदान केन्द्रों/स्थलों को असंवेदनशील, संवेदनशील, अतिसंवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील प्लस श्रेणियों में विभक्त कराकर निर्धारित प्रारूप पर सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) में उपलब्ध कराया सुनिश्चित करें।

No comments