गुड्डू जमाली ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर लगाया धोखा देने का आरोप
आजमगढ़ : लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद बसपा प्रत्याशी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने अपने आवास पर आज प्रेस प्रतिनिधियों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं जनता का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे इतना बड़ा जन समर्थन दिया। वहीं दूसरी ओर शाह आलम ने सपा और अखिलेश यादव पर धोखा देने का आरोप लगाया और कहा ये लोग झूठे और फरेबी हैं।
शाह आलम गुड्डू जमाली ने प्रेसवार्ता कर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना जमकर हमला बोला। कहा, मुसलमान को यह लोग अपनी जागीर समझते हैं, लेकिन इस बार मुसलमानों ने इनको इनकी औकात बता दी है। अखिलेश यादव पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि, विधानसभा चुनाव से पहले उनको लखनऊ बुलाया गया और उनकी पगड़ी को जूते तले रौंदा गया। जिसको आजमगढ़ का मुस्लमान बर्दाश्त नहीं कर पाया। कहा कि सपा में जो मुसलमान नेता है वह अपनी गैरत बेचकर रहते हैं। मैं गैरत बेचकर नहीं रह सकता मरना पसंद है।
2024 में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे
उन्होंने सपा के मुस्लिम विधायकों पर भी निशाना साधा कहा कि, वह अपने बूथ को चेक कर ले कितने वोट मिले थे। एक-एक बूथ पर जहां मुस्लिम आबादी है 700 से 800 वोट बसपा को मिले तो सौ से डेढ़ सौ वोट ही सपा को मिले। इससे उनको अपनी औकात पता चल गई है। 2024 में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे जीत हासिल कर समाजवादी पार्टी के जो भी प्रत्याशी होंगे उनको वापस लौटाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जो सैफई और इटावा से आकर यहां आजमगढ़ में अपनी जागीर बनाए हैं उनको सबक सिखाना जरूरी है।
नही हुई कोई गड़बड़ी, सपा को हमेशा रोने की आदत
जमाली ने कहा कि देश की राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी बहुजन समाज पार्टी को यह लोग बी टीम बताते हैं। इनको शर्म नहीं आती। जबकि इस पार्टी के प्रत्याशी को 2 लाख 70 हजार वोट मिले। सपा नेताओं द्वारा बार-बार मुसलमानों को भ्रमित होने के बयान पर उन्होंने कहा कि मुसलमान उनकी जागीर नहीं है कि हमेशा उन्हीं को वोट करेगा। आखिर यादव मतदाता ने बसपा को क्यों नहीं वोट किया। हारने पर सपा नेताओं द्वारा गड़बड़ी का आरोप लगाने पर उन्होंने कहा कि कहीं कोई धांधली की बात नहीं है। इनकी रोने की हमेशा आदत रही है। अगर जीत जाते तो कुछ नहीं बोलते। हार गए तो ईवीएम ने हरा दिया, जमाली ने हरा दिया।
अखिलेश यादव को पता था धर्मेन्द्र हारेंगे
गुड्डू जमाली ने कहा कि अखिलेश को पता था कि धर्मेंद्र यादव चुनाव हारेंगे, क्योंकि वह पहले डिंपल यादव को लड़ाना चाहते थे, लेकिन जब सामने गुड्डू जमाली को प्रत्याशी के रूप में देखे तो धर्मेंद्र को लड़ने भेज दिया।

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