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25 साल बाद फैसला : ग्राम प्रधानी के चुनाव में रंजिश को लेकर हुई हत्या के मामले में एक को उम्रकैद



आजमगढ़ : ग्राम प्रधानी चुनावी रंजिश को लेकर हुई हत्या के 25 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी कोर्ट शैलजा राठी ने सोमवार को सुनाया।

देवगांव थाना क्षेत्र के अहिरौली खिजीरपुर निवासी किशोर राजभर की गांव के रामबचन से प्रधानी के चुनाव की रंजिश चल रही थी। इस चुनाव में राम बचन की पत्नी चुनाव हार गई थी। इसके कारण राम बचन किशोर के परिवार से रंजिश रखने लगे थे। 22 फरवरी 1998 की शाम किशोर राजभर अपने भाई रामवृक्ष तथा गांव के झरफल्ली के साथ देवगांव बाजार से घर जा रहे थे। तब रास्ते में चंदापुर तालाब के पास गांव के रामबचन व नीबूलाल ने किशोर राजभर व रामवृक्ष को घेर लिया। रामबचन ने बम से तथा नीबूलाल ने पिस्तौल से किशोर राजभर पर हमला कर दिया। इससे मौके पर ही किशोर राजभर की मौत हो गई।

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद नीबूलाल तथा रामबचन के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित की। दौरान मुकदमा आरोपित रामबचन का निधन हो गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह, गोपाल पांडेय तथा ओमप्रकाश सिंह ने रामवृक्ष, झरफल्ली, शिवजोर, सुभाष, रिटायर्ड सीओ कृपा शंकर सरोज, अल्ताफ खां, डा. सुरेंद्र मिश्रा, बालकरन तथा हेड कांस्टेबल हरेंद्र प्रताप सिंह को बतौर साक्षी न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने नीबूलाल को आजीवन कारावास तथा बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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