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विश्व इतिहास रचने वाली जिया राय: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम की योद्धा ने पार किया अमेरिका का खतरनाक कैटालिना चैनल



आजमगढ़ : जिले की बेटी जिया राय ने पूरी दुनिया को अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस से चौंका दिया है। सगड़ी तहसील के गांव कटाई अलीमुद्दीनपुर की 17 वर्षीय तैराक जिया राय ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जूझते हुए अमेरिका के खतरनाक माने जाने वाले कैटालिना चैनल को पार कर नया इतिहास रच दिया है। जिया यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की पहली ऑटिज्म स्पेक्ट्रम गर्ल बन गई हैं।

अमेरिका के खतरनाक कैटालिना चैनल को किया पार

जिया ने 25 सितंबर की मध्यरात्रि को अमेरिका के कैटालिना द्वीप से तैरना शुरू किया और 26 सितंबर की दोपहर तक कैलिफोर्निया के सैन पेड्रो तट पर पहुंचकर अपना अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने  34 किलोमीटर लंबे इस समुद्री चैनल को मात्र 15 घंटे, 1 मिनट और 43 सेकंड में पार कर लिया।

जिया के पिता मदन राय, जो नौसेना में कार्यरत हैं, ने बताया कि यह चैनल बेहद ठंडे पानी (लगभग 18°C), तेज धाराओं, जेलीफ़िश और अन्य समुद्री जीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। रात के अंधेरे में तैरना और अचानक बदलते मौसम इसे और भी चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।

इसका आयोजन Catalina Channel Swimming Federation (USA) द्वारा किया गया। पिछले 100 वर्षों में केवल 500 लोग ही इस कठिन चैनल को पार कर पाए हैं, और अब जिया राय भी इस विशिष्ट सूची का हिस्सा बन चुकी हैं।

 तैराकी के क्षेत्र में कई विश्व रिकॉर्ड

जिया राय इससे पहले भी कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं:

* 2022  में पॉक स्ट्रेट पार कर विश्व रिकॉर्ड

* 2024 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली ऑटिज्म स्पेक्ट्रम गर्ल

* VOS Award 2024– ओपन वॉटर स्विमिंग का सर्वोच्च साहसिक पुरस्कार

* राष्ट्रीय विकलांगता पुरस्कार 2023

* प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

ऑटिज्म जागरूकता को समर्पित की सफलता

जिया ने इस अभियान को ऑटिज्म जागरूकता को समर्पित किया है। उनका उद्देश्य है कि दुनिया भर में ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों और युवाओं को यह संदेश मिले कि अगर जिद और जूनून हो, तो कोई भी सीमा बाधा नहीं बन सकती।

 सहयोगियों का रहा अहम योगदान

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में कई संगठनों का भी योगदान रहा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इंडियन नेवी (वेस्टर्न नेवल कमांड), बगवाडिया फाउंडेशन, इंडियन ऑयल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, और माजागन डॉक लिमिटेड ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

गांव में जश्न का माहौल

जिया की सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव कटाई अलीमुद्दीनपुर में जश्न और गर्व का माहौल है। गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मना रहे हैं और पूरे क्षेत्र में जिया के साहस की सराहना की जा रही है।

 प्रेरणा की मिसाल

जिया राय आज न सिर्फ आजमगढ़ या भारत की, बल्कि पूरे विश्व की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी जब ठान लें, तो असंभव को भी संभव कर सकते हैं।

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