बुजुर्ग दंपति के साथ पुलिस उत्पीड़न का मामला, कोर्ट के आदेश पर थानाध्यक्ष सहित 6 पर मुकदमा दर्ज
आजमगढ़ : जिले के पवई थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपति के साथ पुलिस उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता 65 वर्षीय तारा देवी द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में की गई शिकायत के आधार पर कोर्ट के आदेश पर पवई थाने के तत्कालीन प्रभारी सहित 6 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
मामला क्या है?
तारा देवी ने आरोप लगाया है कि 6 अगस्त 2024 की रात वह अपने पति विद्यासागर पांडेय के साथ अपने भाई रमेश तिवारी के घर, कोलघाट में रुकी हुई थीं। रात करीब 1:30 बजे, उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण कुमार मिश्र, कांस्टेबल बृजेश तिवारी, दो अज्ञात सिपाही और उनके भतीजे विकास तिवारी के साथ घर में घुसकर गालीगलौज शुरू कर दी।
पुलिस ने छत पर सो रहे विद्यासागर पांडेय को गाली देते हुए जगाया और आरोप लगाया कि उनका बेटा किसी लड़की को भगा ले गया है। सफाई देने की कोशिश कर रहे पांडेय पर पुलिस ने लाठी-डंडों और बंदूक की बट से हमला कर दिया।
तारा देवी ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने पति को तीसरी मंजिल से धक्का दे दिया, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उन्हें अपनी जीप से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कोई मेडिकल जांच कराए बिना सभी पुलिसकर्मी भाग गए।
पैसे देकर चुप कराने की कोशिश
तारा देवी ने यह भी बताया कि कुछ समय बाद थानाध्यक्ष अनिल सिंह उनके घर पहुंचे और बताया कि पति अस्पताल में हैं। उन्होंने कथित रूप से ₹23,000 रुपये जबरन थमा दिए और कहा कि इलाज करा लो, साथ ही धमकी भी दी। तारा देवी ने पैसे लेने से मना कर दिया। तारा देवी ने न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उनके पति अब भी बिस्तर पर हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने इस घटना की शिकायत 23 अगस्त 2024 को एसएसपी आजमगढ़, मुख्यमंत्री कार्यालय समेत कई उच्च अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से 12 सितम्बर 2025 को कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर क्षेत्राधिकारी को जांच सौंपने का आदेश दिया।

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